गड़चिरोली में कंक्रीट का साम्राज्य: सड़कें तो चौड़ी हुईं, पर छिन गई राहगीरों की छांव!
Gadchiroli National Highway Construction: गड़चिरोली में कंक्रीट की सड़कों के जाल के बीच खो गई हरियाली। हाईवे निर्माण के लिए काटे गए सैकड़ों पेड़, राहगीर छांव के लिए तरसे। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
- Written By: प्रिया जैस
सीमेंट रोड (सौजन्य-नवभारत)
Concrete Roads Gadchiroli: गड़चिरोली जिले में राष्ट्रीय महामार्ग का निर्माण कार्य शुरू है। जिले में राष्ट्रीय महामार्ग के निर्माण कार्य के लिए सड़क किनारे स्थित सैकड़ों पेड़ों की कटाई का दौर जारी है। और सड़कों पर चारों तरफ कांक्रिट बिखरी पड़ी है। जिले में चामोर्शी व चंद्रपुर मार्ग पर हाईवे का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हुआ है। कुछ स्थानों का निर्माण जारी है। इस दौरान अनेक छायादार पेड़ कट चुके है। जिससे अब हाईवे पर छांव पाना मुश्किल हो रहा है।
जिले में बीते कुछ वर्षों से राष्ट्रीय महामार्ग का निर्माण कार्य शुरू है। इसके तहत जिले में चामोर्शी तथा चंद्रपुर मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है, वहीं धानोरा मार्ग पर निर्माण कार्य जारी है। आरमोरी मार्ग का निर्माण होना अभी शेष है। जिले में चामोर्शी मार्ग व चंद्रपुर मार्ग पर राष्ट्रीय महामार्ग निर्माण होने के पूर्व अनेक पेड़ नागरिकों को छाया देते हुए नजर आ रहे थे। लेकिन हाईवे के निर्माण के चलते सड़क किनारे सैकड़ों पेड़ों की कटाई की गई।
हाईवे का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। वहीं इस महामार्ग पर वाहनों का आवागमन सुलभ हुआ। लेकिन पेड़ों की कटाई होने के बाद नए सिरे से पौधे नहीं लगाए गए है। जिसके चलते जो पुराने बचे पेड़ है, वहीं राहगीरों के लिए साया बने हुए है। अनेक पेड़ कट जाने से चलते इन राष्ट्रीय महामार्ग पर छांव पाना मुश्किल हो गया है। महामार्ग पर केवल गिने-चुने पेड़ ही शेष है, जो साया बने हुए है। इन पेड़ों को खोजने के लिए काफी दूरी तक का सफर तय करना पड़ता है। इन दिनों तपिश बढ़ रही है। ऐसे में मार्ग पर छायादार पेड़ आवश्यक है। ऐसी बात नागरिकों द्वारा कही जा रही है।
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दोपहर के दौरान आवागमन कम
निर्माण कार्य के चलते सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई जा रही है। जिसके चलते महामार्ग में बाधा बनने वाले पेड़ काटे जा रहे है। जिससे जो कभी हरियाली भरे दिखने वाले मार्ग अब उजड़े दिखाई दे रहे है।
चामोर्शी तथा चंद्रपुर मार्ग पर सड़क किनारे काफी कम मात्रा में बचे पेड़ नजर आते है। काफी दूरी तक पेड़ की छाया नहीं होने के कारण नागरिकों को कड़ी धूप में ही हाईवे से गुजरना पड़ता है।
वहीं इस तपिश के चलते दोपहर के दौरान आवागमन कम दिखाई देती है, सुबह व शाम के दौरान ही लोग बाहर निकलना पसंद कर रहे है।
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ग्रामीण अंचल में भी कांक्रीट सड़कें
जिले में राष्ट्रीय महामार्ग कांक्रीट सड़कों के बनाए जा रहे है। कुछ जगह वनक्षेत्र होने के चलते वहां डामरीकृत सड़कें है, अन्यथा समुची सड़कें सीमेंट कांक्रिट की निर्माण हो रही है। इसी के साथ अब गांवों में भी गांव की अंतर्गत सड़कें व गांव की सीमा की प्रमुख सड़कें सीमेंट कांक्रिट की ही नजर आ रही है। दिन ब दिन तापमान में वृद्धि हो रही है। ऐसे में दोपहर के दौरान सड़कें विरान नजर आ रही है।
छायादार मार्ग की जरूरत
नागरिक भगवान तेल्लावार का कहना है कि अनेक लोग सड़कों से आवागमन करते है, तपिश बढ़ गई है। ऐसे में सड़क किनारे छायादार पेड़ ही दोपहियाधारक व अन्य राहगीरों के लिए राहत का माध्यम थे, लेकिन अब पेड़ कट जाने के चलते राष्ट्रीय महामार्ग से आवागमन करते समय काफी परेशानी हो रही है। जिससे ऐसी कड़ी धूप में महामार्ग पर छायादार पेड़ों की जरूरत है। जिससे उपाययोजना करना चाहिए।
