गड़चिरोली में झिंगानुर परिसर के 3 गांवों में भीषण जलसंकट, टैंकर से हो रही जलापूर्ति; प्रशासन की अनदेखी से रोष
गड़चिरोली के 3 गांवों में जलसंकट, टैंकर से जलापूर्ति शुरू, ग्रामीणों में रोष। प्रशासन की उपाययोजना विफल, जल की कमी से लोग परेशान।
Sironcha Water Crisis News: गड़चिरोली जिले की आखिरी छोर पर बसी सिरोंचा तहसील अंतर्गत आने वाले झिंगानुर समेत परिसर के तीन गांवों में वर्तमान स्थिति में भीषण जलसंकट गहराया है। जिसके कारण गांवों के लोगों को पीने के पानी के लिए दरदर भटकना पड़ रहा है। ऐसे में तीनों गांवों के लोगों की तृष्णा मिटाने के लिए ग्रापं प्रशासन ने पहल करते हुए टैंकर से जलापूर्ति करना शुरू कर दिया है। जिसके कारण तीनों गांवों के लोगों को पानी की समस्या से राहत मिली है।
विशेषत पानी का टैंकर पहुंचते ही पानी के लिए लोगों की कतारें लगती दिखाई दे रही है। सिरोंचा तहसील के झिंगानुर, लिंगापुर टोला और झिंगानुर चेक नं 1 में प्रति वर्ष ग्रीष्मकाल के पहले की जलसंकट की स्थिति निर्माण होती है। यहां पर जलसंकट से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न उपाययोजना की गई। लेकिन प्रशासन की उपाययोजना विफल होने के कारण प्रति वर्ष संबंधित गांवों के लोगों को जलसंकट का करना पड़ता है।
विशेषत मजबूरी में ग्रामीण गांव समीपस्थ नाले से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते है। पिछले कुछ दिनों से संबंधित गांवों में जलसंकट की स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। ग्रामीणों को पानी की समस्या से राहत दिलाने से ग्रापं प्रशासन ने टैंकर की सहायता से जलापूर्ति करने का निर्णय लिया।
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और गांवों में पानी का टैंकर पहुंचाया जा रहा है। इस कार्य के लिए पूर्व सरपंच, कारेजी मडावी, ग्राम अधिकारी दामोदर सिडाम, समाजसेवी रामचंद्र कुमरी, प्राथमिक आरोग्य केंद्र के डाक्टर प्रभाकर मारबोनवार, सन्नी मडावी, रामा सिडाम, आनंदराव कोंडागोर्ला, समय्या मडावी, रामास्वामी कोंडागोर्ला, बंडूराम मडावी समेत अन्य लोग परिश्रम कर रहे है।
प्रशासन के प्रति लोगों में रोषप्रति वर्ष ग्रीष्मकाल के दिनों में झिंगानुर समेत परिसर के तीन गांवों में जलसंकट निर्माण होता है। यह सिलसिला पिछले अनेक वर्षों से कायम होने के बाद भी प्रशासन द्वारा स्थायी उपाययोजना नहीं की जा रही है। जिसका खामियाजा लोगों को पीने के पानी के लिए दरदर भटकना पड़ रहा है। वर्तमान स्थिति में जलसंकट की गंभीर समस्या निर्माण होने के बाद भी प्रशासन द्वारा उपाययोजना नहीं किए जाने से ग्रामीणों में तीव्र रोष व्याप्त है।
तत्काल करें उपाययोजना वर्तमान स्थिति में संबंधित गांवों में जलसंकट की समस्या काफी गंभीर हो गयी है। ऐसे में ग्राम पंचायत द्वारा टैंकर की सहायता से जलापुर्ती की जा रही है। बावजूद इसके ग्रामीणों को आवश्यकता अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। जिससे प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर ततकल उपाययोजना करने की मांग गांवों के लोगों ने की है।
ग्रापं की लापरवाही से आई नौबतहमने इस सप्ताह में संबंधित गांवों का दौरा किया था। जिसमें यह सब मामला ग्रापं की लापरवाही के चलते निर्माण हुआ है। दो गांवों के हैंडपंप पिछले कुछ माह से बंद पड़े है। लेकिन ग्रापं ने हैंडपंप की मरम्मत नहीं गई। वहीं एक गांव में कुएं में पानी होकर भी उसकी स्वच्छता नहीं की गई।
यह सब जिम्मेदारी ग्रापं की होने बाद भी किसी भी तरह की उपाययोजना नहीं की गई। विशेषत जलापूर्ति योजना के लिए सुरक्षा रक्षक भी ग्रापं ने नियुक्त नहीं किया है। सभी मामलों की जानकारी लेकर उपाययोजना करना शुरू है। – विनोद उध्दरवार, कार्यकारी अभियंता, ग्रामीणा जलापूर्ति विभाग
