गड़चिरोली में किसानों की डिजिटल मैपिंग पर जोर, बोरवेल मंजूरी सिर्फ 15 मिनट में, आशिष जयसवाल के निर्देश
Ashish Jaiswal: गड़चिरोली में खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारी बैठक में कृषि राज्यमंत्री आशिष जयसवाल ने किसानों की डिजिटल मैपिंग, योजनाओं का सीधा लाभ और बोरवेल मंजूरी 15 मिनट में देने के निर्देश दिए।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ashish Jaiswal: गड़चिरोली में खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारी बैठक में कृषि राज्यमंत्री आशिष जयसवाल ने किसानों की डिजिटल मैपिंग, योजनाओं का सीधा लाभ और बोरवेल मंजूरी 15 मिनट में देने के निर्देश दिए। (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gadchiroli Kharif Preparation: गड़चिरोली जिले के किसानों के संपूर्ण मैपिंग कर सरकार स्वयं उनके द्वार पर पहुंचकर किसानों को योजना का लाभ दे, इसके साथ ही बोरवेल मंजूरी में लेटलतीफी दूर कर मामले केवल 15 मिनट में मंजूर करने के निर्देश कृषि राज्यमंत्री तथा जिले के सहपालकमंत्री आशिष जयसवाल ने दिए, सहपालकमंत्री आशिष जयसवाल की अध्यक्षता में आज 30 अप्रैल को जिला नियोजन समिति सभागृह में खरीफ सीजन 2026-27 की पूर्वतैयारी जायजा बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक में जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, सांसद डॉ. नामदेव किरसान, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, जिला पुलिस अधीक्षक एम. रमेश, जिला अधिक्षक कृषि अधिकारी प्रिती हिरलकर समेत विभिन्न विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक में खरीफ सीजन के लिए आवश्यक बीज, खाद, किटनियंत्रण, सिंचाई सुविधा, पानी नियोजन तथा किसानों को आवश्यक सेवा समय पर उपलब्ध कराने संदर्भ में विस्तृत जायजा लिया गया। संभावित ‘एल निनों’ परिस्थिती ध्यान में लेकर प्राकृतिक व सेंद्रीय खेती को गति देने पर जोर दिया गया।
पहले आनेवाले को प्राथमिकता
प्रशासन स्वयं आगे आए सहपालकमंत्री जयस्वाल ने “पहले आनेवाले को प्राथमिकता” यह पद्धति बदलने की जरूरत व्यक्त करते हुए, प्रशासन स्वयं आगे आने के निर्देश दिए। कुछ किसान निरंतर लाभलेते हैं, और जरूरतमंद वंचित रहते हैं, यह स्थिति बदलकर मांग के अनुसार आपूर्ति इस तत्व पर कार्य करना आवश्यक है। ऐसी बात भी कहीं। किसानों का डिजिटल मैपिंग कर उनके जरूरत के अनुसार योजना का लाभसीधे किसानों को देने का नियोजन किया जाने वाला है।
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📍जिल्हाधिकारी कार्यालय, गडचिरोली खरीप हंगाम २०२६-२७ पूर्वतयारीच्या अनुषंगाने जिल्हा नियोजन समिती सभागृहात आढावा बैठक घेतली. यावेळी खरीप हंगाम सुरळीत पार पडण्यासाठी आवश्यक नियोजन, उपलब्धता आणि अंमलबजावणी यांचा सविस्तर आढावा घेतला तसेच संबंधित यंत्रणांना आवश्यक त्या सूचना दिल्या.… pic.twitter.com/I5IA4Zlw1o — Adv.Ashish jaiswal (@Ashishjaisw3Adv) April 30, 2026
स्वतंत्र बिक्री केंद्र निर्माण करने का नियोजन करें
खरीफ सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज व रासायनिक खाद की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की सूचना दी गई। एलनिनो प्रभाव पहचानकर खाद वितरण का नियोजन करें, खाद यातायात प्रबंधन की दिक्कते दूर करने के लिए यांत्रिकीकरण, रेलवे प्रशासन से समन्वय तथा नियोजनबद्ध रेक प्रबंधन पर उन्होंने जोर दिया। रासायनिक खाद की किल्लत तथा मौसम बदलाव के मद्देनजर प्राकृतिक व सेंद्रीय खेती को प्रोत्साहन देने की बात उन्होंने कहीं। सेंद्रिय उत्पादनों का प्रमाणीकरण, बैंडिंग तथा बिक्री के लिए जिला स्तर पर स्वतंत्र विक्री केंद्र निर्माण करने का नियोजन करें।
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खरीप हंगाम सुरळीत पार पडण्यासाठी गुणवत्तापूर्ण बियाणे व खतांचा वेळेत पुरवठा सुनिश्चित करण्याचे निर्देश दिले. संभाव्य एल निनो परिस्थिती लक्षात घेऊन खत वितरण आणि पाणी नियोजन अधिक सक्षम करण्याच्या सूचना दिल्या. खत वाहतूक व्यवस्थापन सुधारण्यासाठी रेल्वे प्रशासनाशी समन्वय आणि… pic.twitter.com/k29peMTxyA — Adv.Ashish jaiswal (@Ashishjaisw3Adv) April 30, 2026
सिंचाई व बोरवेल के कार्यों को गति दे
जिले के प्रलंबित बोरवेल के प्रस्ताव तत्वाल मंजूर करने के निर्देश दिए गए। भूजल सर्वेक्षण व विकास यंत्रणा की और प्रमाणपत्र के लिए मंजूरी के कार्य प्रलंबित होने की बात निदर्शन में आने के बाद सहपालकमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित प्रस्ताव 15 मिनट मंजूर करने के निर्देश दिए। संकटग्रस्त किसानों की सूची तैयार कर उन्हें डीबीटी या मायनिंग फंड से मदद देने की सूचना दिए गए। वहीं ड्रोन, ट्रैक्टर, कॉम्बाईन हार्वेस्टर, पेंडी ड्रायर जैसे यंत्र सामग्री के अनुदान का जायजा लिया गया।
