गड़चिरोली गांव (सोर्स: नवभारत)
Gadchiroli Village Issues News: आम तौर पर देखा जाता है कि दो राज्यों की सीमा पर बसे गांवों में आवश्यकता अनुसार बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पायी है। जिसके कारण सीमावर्ती गांवों के नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज और अन्य कार्य करने के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में सफर करना पड़ता है। लेकिन गड़चिरोली जिले में एक ऐसा गांव है जहां के लोगों को सरकारी दस्तावेज पाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए एक नहीं बल्कि दो तहसीलों के चक्कर काटने पड़ रहे है। जिले की चामोर्शी तहसील अंतर्गत आने वाला तथा चामोर्शी व मुलचेरा तहसील की सीमा पर गुंडापल्ली गांव बसा हुआ है।
यह गांव चामोर्शी तहसील में होने के कारण तहसील कार्यालय चामोर्शी है, लेकिन मुलचेरा तहसील से सटा होने से पंचायत समिति मुलचेरा है। जिसके कारण पंचायत समिति संबंधी कार्य करने के लिए मुलचेरा तहसील मुख्यालय में पहुंचना पड़ रहा है। वहीं तहसील कार्यालय संबंधी कार्य करने के लिए चामोर्शी तहसील मुख्यालय में जाने की नौबत आ पड़ी है।
जिससे इस गांव के नागरिक पूरी तरह त्रस्त हो गये है। लोगों को हो रहा वित्तीय नुकसान मुलचेरा तहसील के अडपल्ली ग्रापं में कुल 6 गांवों का समावेश है। जिनमें गुंडापल्ली समेत अडपल्ली, मलेझरी, मलकापुर, तुमड़ी और सोमनपल्ली गांव का समावेश है। विशेषतः संबंधित 6 गांवों में से गुंडापल्ली, मलकापुर, तुमड़ी और सोमनपल्ली गांव चामोर्शी अंतर्गत आते है। किंतु गांवों की ग्रापं मुलचेरा तहसील में होने के कारण गुंड़ापल्ली समेत चार गांवों को सरकारी योजना व दस्तावेज पाने के लिए दोनों तहसील मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे है। जिसका खामियाजा गांवों के लोगों का वित्तीय नुकसान हो रहा है।
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चामोर्शी तहसील में गुंड़ापल्ली समेत चार गांवों का मुलचेरा तहसील के अड़पल्ली पंचायत समिति में समावेश किया गया है। जिसके कारण सरकार की किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित गांवों के लोगों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए विभिन्न तरह के दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। लेकिन एक दस्तावेज पाने के लिए इन गांवों के लोगों को मुलचेरा और चामोर्शी तहसील मुख्यालय में जाने की नौबत आ पड़ी है। ऐसे में समय पर दस्तावेज नहीं मिलने से योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान स्थिति में इन गांवों में सभी तरह की बुनियादी सुविधाएं पहुंच गयी है। लेकिन बिजली की समस्या काफी गंभीर है। रात होते ही बिजली की आंखमिचौली शुरू हो जाती है। जिसके कारण लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही है। इसके अलावा विभिन्न समस्याओं से ग्रामीण त्रस्त हो गये है। जिससे प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर गांवों की समस्या हल करने की मांग ग्रामीणों ने की है।