Gadchiroli fraud case (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gadchiroli Fraud Case: मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले किसान, मजदूर और आदिवासी नागरिकों को ‘सुविधा फार्मिंग एंड अलाइड लिमिटेड’ और ‘क्रिएटिव इंडिया मल्टी स्टेट एग्रो पर्पज को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड’ के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया है। इस गंभीर मामले को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) आक्रामक हो गई है।
भाकपा ने मांग की है कि संबंधित कंपनियों के स्थानीय एजेंटों पर तत्काल आपराधिक मामला दर्ज किया जाए, अन्यथा जनआंदोलन छेड़ा जाएगा। यह चेतावनी एटापल्ली के तहसीलदार के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में दी गई है।
भाकपा के तहसील अध्यक्ष रमेश कवडो के नेतृत्व में सैकड़ों नागरिकों ने एटापल्ली तहसील कार्यालय पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद की। तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि संबंधित कंपनियों ने एजेंटों की नियुक्ति कर स्थानीय नागरिकों को झूठे आश्वासन देकर निवेश के लिए प्रेरित किया। अधिक लाभ मिलने का लालच देकर किसानों, मजदूरों और आदिवासी बंधुओं से बड़ी रकम निवेश कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी और एजेंटों पर विश्वास कर उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई निवेश की, लेकिन कुछ समय बाद संबंधित कंपनियां अचानक गायब हो गईं। इससे निवेशकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और कई परिवारों के सामने रोज़गार व जीवनयापन की समस्या उत्पन्न हो गई है।
ये भी पढ़े: झिंगानुर गांव में गहराया जलसंकट, प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता, हैंडपंप सूखे, कुओं का जलस्तर घटा
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इस ठगी से सत्यनारायण पुज्जलवार, प्रतिमा जोरदार, कुमारेश जोरदार, संजय पुज्जलवार, आरती पुज्जलवार, जोसेफ बारावा, राजेश कुजूर, सुरेश कुजूर, जुलेश कुजूर, जगमा कुजूर सहित अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं और उनका जीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
भाकपा ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी एजेंटों और संबंधित व्यक्तियों पर फौजदारी मामला दर्ज किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो तीव्र जनआंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर ज्ञापन सौंपते समय तहसील सह-सचिव विशाल पुज्जलवार, सतू हेडो समेत बड़ी संख्या में ठगी का शिकार हुए नागरिक उपस्थित थे।