गड़चिरोली फायर स्टेशन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Gadchiroli Forest Divisions: राज्य में सर्वाधिक वनसंपदा वाले जिले के रूप में गड़चिरोली की पहचान है। जिले में करीब 78 फीसदी वनसंपदा है। जिले में गड़चिरोली, वडसा, सिरोंचा, भामरागड़ और आलापल्ली वनविभाग द्वारा जंगल का संरक्षण करने का काम किया जाता है। लेकिन प्रति वर्ष जिले में विभिन्न जगहों पर दावानल की घटनाएं उजागर होती हैं।
विशेषत: दावानल के चलते वनसंपदा और वनोपज का भारी नुकसान होकर वन्यजीवों के घर भी उजड़ जाते है। जिसमें वनविभाग का भारी नुकसान होता है। अब तक जंगल में आग लगने की घटना की जानकारी वनविभाग को काफी देरी से मिलती थी। और घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाने के लिए वनाधिकारी और कर्मचारियों एक से दो दिनों का समय लगता था।
तब तक संपूर्ण वनसंपदा जलकर खाक हो जाती थी। लेकिन अब वन विभाग द्वारा दावानल की घटनास्थल की तत्काल जानकारी हासिल करने और तत्काल दावानल पर काबू पाने के लिए जिला मुख्यालय समेत पांचों उपवनसंरक्षक कार्यालय में फायर स्टेशन लगाया गया है। सैटेलाइट के जरिए तत्काल आगजनी की घटना की जानकारी प्राप्त होकर आग पर तत्काल काबू पाने में काफी मदद होगी।
जंगल में लगी आग पर तत्काल नियंत्रण पाने के लिए वनविभाग अंतर्गत फायर वाचर की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा प्रत्येक रेंज में चार-पांच फ्लू स्टेशन रखे गए है। साथ ही प्रत्येक बीट में एक आग बुझाने की मशीन दी गई है। जिनके जरिए जंगल में आग लगने वाली घटनाओं पर नियंत्रण पाने का काम वनविभाग द्वारा किया जा रहा है। विशेषत: अब तक जंगल में आग लगाने के मामले में अनेक लोगों को रंगेहाथ पकड़ा भी गया है।
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गड़चिरोली के सहायक उपवनसंरक्षक प्रवीण पाटिल ने कहा आगजनी की घटना की तत्काल जानकारी मिले, इसलिए जिला मुख्यालय समेत सभी डिवीजन में फायर स्टेशन निर्माण किया गया है। जिससे सैटेलाइट के जरिए अलर्ट आता है। जिसके बाद तत्काल प्रत्येक अधिकारियों को जानकारी पहुंचाकर आग पर काबू पाया जा रहा है। आगजनी की घटना पर लगाम कसने के लिए वनविभाग अलर्ट है।