Gadchiroli Naxal Surrender News: गड़चिरोली में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटी नक्सली संगीता उर्फ ललिता ने अपने पूर्व सहयोगियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जंगल में भटककर और हथियार उठाकर कोई भी सकारात्मक परिवर्तन संभव नहीं है।
संगीता ने 22 वर्षों तक नक्सल आंदोलन में सक्रिय रहने के अनुभव के आधार पर कहा कि इस रास्ते पर चलकर न केवल स्वयं का बल्कि परिवार का भविष्य भी अंधकारमय हो जाता है। उन्होंने वर्ष 2000 से लेकर 2024 तक के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि अंततः उन्होंने संवैधानिक मार्ग अपनाया और सामान्य जीवन में लौटने का निर्णय लिया।
संगीता उर्फ ललिता ने अपने पति गिरधर तुमरेती और अन्य सहयोगियों के साथ 22 जून 2024 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में जिला पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। अब उन्होंने शेष नक्सलियों से भी अपील की है कि वे जंगल में भटकने के बजाय आत्मसमर्पण कर आम नागरिकों की तरह जीवन व्यतीत करें।
डॉ. धर्मराव आत्राम ने भी शेष नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर सरकार की पुनर्वसन योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों को हर संभव सहयोग प्रदान करती है।
इन योजनाओं के तहत आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक जैसे आवश्यक दस्तावेज, वित्तीय सहायता, आवास, शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने अपील की कि इन सुविधाओं का लाभ उठाकर सम्मानपूर्वक जीवन जिया जा सकता है।