गड़चिरोली में नक्सल मुठभेड़ (सौजन्य-सोशल मीडिया)
C-60 Commando Success: नारायणपुर (छत्तीसगढ़) सीमा से लगे अबुझमाड़ क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। हालांकि इसकी भारी कीमत भी चुकानी पड़ी है। 3 दिनों तक चली भीषण मुठभेड़ में जिला पुलिस बल की विशेष इकाई सी-60 का एक जवान शहीद हो गया, जबकि कुल 7 नक्सलियों को मार गिराया गया।
इस मुठभेड़ में एक अन्य जवान घायल हुआ है जिसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। शुक्रवार सुबह चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान 4 और नक्सलियों के शव बरामद किए गए जिनमें गड़चिरोली विभागीय कमेटी प्रभारी, वेस्ट सब-झोनल ब्यूरो प्रभारी तथा सीपीआई (माओवादी) संगठन की कंपनी क्रमांक-10 का प्रभारी, तेलंगाना के कामारेड्डी निवासी प्रभाकर भी शामिल है। सरकार ने प्रभाकर पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व 2 पुरुष और एक महिला नक्सली के शव बरामद किए गए थे।
लगातार 3 दिनों के ऑपरेशन के बाद शुक्रवार को चलाए गए सर्चिंग अभियान में पुलिस जवानों को वरिष्ठ नक्सली नेता प्रभाकर समेत 4 नक्सलियों के शव मिले हैं जिससे मृत नक्सलियों की संख्या अब 7 पर पहुंच गई है। विशेषतः सचिंग अभियान में 03 एके-47, 1 एसएलआर और 1303 राइफल सहित कुल 5 आधुनिक हथियार मिले हैं।
गुरुवार को शाम के समय हुई मुठभेड़ में अहेरी तहसील के मांड्रा निवासी सी-60 कमांडो दीपक चिन्ना मडावी ने नक्सलियों के साथ लड़ते हुए 2 नक्सलियों का ढेर किया था लेकिन इस मुठभेड़ में उन्हें गोली लगने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें हेलिकॉप्टर से भामरागड़ के ग्रामीण अस्पताल में लाया गया लेकिन गंभीर हालत होने के कारण उन्हें वीरगति प्राप्त हुई।
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शनिवार को उनके पार्थिव पर उनके गांव मांड्रा में अंतिम संस्कार किया जाएगा, वहीं मुठभेड़ में घायल हुए दूसरा जवान जोगा मडावी पर गड़चिरोली के जिला अस्पताल में उपचार शुरू है। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
उधर, ओडिशा में एक माओवादी दंपति और 17 अन्य नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दंपति में से प्रत्येक पर 55.10 लाख का इनाम था। दंपति भाकपा (माओवादी) के प्रदेश समिति सदस्य निरंजन राऊत उर्फ निखिल और उसकी पत्नी रश्मिरा लेंका उर्फ इंदू हैं।