गड़चिरोली में हाथियों ने मचाया हाहाकार! 8 गांवों की फसलों को किया तबाह, किसानों ने आंदोलन की दी चेतावनी
Gadchiroli Elephant Conflict: गड़चिरोली के 8 गांवों में जंगली हाथियों का तांडव! फसलें तबाह, किसान भयभीत। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दी चेतावनी- हाथियों का बंदोबस्त करें वरना होगा तीव्र आंदोलन।
- Written By: प्रिया जैस
गड़चिरोली न्यूज
Gadchiroli News: गड़चिरोली जिले में जंगली हाथियों ने गड़चिरोली तहसील के करीब 8 गांवों के किसानों के फसलों को क्षति पहुंचाई है। जिससे किसानों का भारी नुकसान हो गया है। जिससे वनविभाग इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर तत्काल जंगली हाथियों का बंदोबस्त करें, अन्यथा तीव्र आंदोलन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेंद्र ब्राम्हणवाडे ने दी है।
ब्राम्हणवाडे ने कहा कि हाथियों के समूह ने गड़चिरोली तहसील के चिंचोली, मोहटोला, बेलगांव, रानखेड़ा, मौशीखांब, मरेगांव चक, मरेगांव, चांभार्डा व खैरी रिठ गांवों के खेत परिसर में प्रवेश कर किसानों के खेतों में उत्पात मचाया है। जिसमें किसानों का भारी नुकसान हुआ है। वहीं इस घटना से किसान वर्ग पूरी तरह भयभीत हो गए है।
आंदोलन की दी चेतावनी
पहले ही बेमौसम बारिश, बढ़ता उत्पादन खर्च और बाजार के अस्थिरता के चलते चिंता में डूबे किसानों को जंगली हाथियों के चलते वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर रात के समय जंगली हाथी खेतों में प्रवेश करने पर जनहानि होने की संभावना है। जिससे संबंधित विभाग इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर तत्काल जंगली हाथियों का बंदोबस्त करें, अन्यथा तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
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इस घटना के बाद संबंधित गांवों के किसानों ने ब्राम्हणवाडे को ज्ञापन सौंपकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस समय तहसील अध्यक्ष वसंत राऊत, मौशीखांब के वनप्रबंधन समिति अध्यक्ष पांडुरंग समर्थ, बेलगांव समिति अध्यक्ष बंडुजी लटारे, पूर्व पंस सदस्य शंकर नैताम, जगदीश कुणघाडकर, पुंडलिक कोठारे, अमृत वासेकर, परसराम कोठारे, शंकरराव भांडेकर, नाजुकराव जुमनाके, मुकुंदा नैताम, बाबूराव चौधरी, उमाजी वलादी आदि उपस्थित थे।
