फर्जी रिपोर्ट पेश करने वाले पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करें (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Gadchiroli News: जुलाई माह में लगातार हुई बारिश से अहेरी उपविभाग में अतिवृष्टि की स्थिति उत्पन्न हुई थी। कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बने, जिससे धान उत्पादक किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ। खेत पूरी तरह पानी में डूब गए थे। इसी बीच, अहेरी के एक पटवारी द्वारा घर बैठे नुकसान का फर्जी अहवाल तैयार कर प्रशासन को भेजे जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। यह आरोप पीड़ित किसान राहुल आईलवार ने लगाया है।
किसान आईलवार ने इस संदर्भ में राज्य के मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर संबंधित पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो वे आगामी 10 नवंबर से अपर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष बेमियादी अनशन शुरू करेंगे।
किसान राहुल आईलवार ने अपने ज्ञापन में बताया कि जुलाई माह में हुई अतिवृष्टि के कारण अहेरी से सटे गढ़अहेरी के सर्वे क्र. 80 के अंतर्गत 4.05 हेक्टेयर क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति बनी थी। इस खेत में धान की फसल लगाई गई थी, जो लगातार बारिश के कारण पूरी तरह बह गई।
प्रशासन ने किसानों को राहत देने के लिए राजस्व विभाग के माध्यम से नुकसान का सर्वेक्षण शुरू किया था। गढ़अहेरी क्षेत्र में यह कार्य अहेरी के पटवारी को सौंपा गया था, लेकिन किसान का आरोप है कि संबंधित पटवारी ने किसी भी खेत का स्थल निरीक्षण किए बिना घर बैठे पंचनामा रिपोर्ट तैयार की।
यह भी आरोप लगाया गया है कि पटवारी ने कुछ किसानों से पैसे लेकर फर्जी पंचनामा तैयार किया। इस वजह से वास्तविक रूप से नुकसानग्रस्त किसानों को वित्तीय सहायता से वंचित रहना पड़ रहा है। किसान आईलवार ने मांग की है कि कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले पटवारी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, अन्यथा वे अनशन करने को विवश होंगे।
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अहेरी के अपर जिलाधिकारी संजय आसवले ने कहा कि “वर्तमान में मैं छुट्टी पर हूं। जैसे ही कार्यालय पहुंचूंगा, सर्वप्रथम इस मामले पर ध्यान दिया जाएगा। यदि किसी कर्मचारी द्वारा कार्य में कोताही बरती गई है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”