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धानोरा का कारवाफा प्रकल्प 43 साल से अधर में: वन कानून और 3 गांवों के विरोध से 25 गांव सिंचाई सुविधा से वंचित

  • Author By mayur rangari | published By रूपम सिंह |
Updated On: Apr 07, 2026 | 03:44 PM
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Gadchiroli Lrrigation News: धानोरा जिले में स्वीकृत कई लघु व मध्यम सिंचाई परियोजनाएं वन कानून की बाधाओं और स्थानीय विरोध के कारण वर्षों से अधर में लटकी हुई हैं। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें आज भी सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे ही ठप पड़े प्रकल्पों में धानोरा तहसील का महत्वाकांक्षी कारवाफा मध्यम सिंचाई प्रकल्प प्रमुख है, जिससे 25 गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद थी।

कारवाफा प्रकल्प का कार्य वर्ष 1980 में शुरू हुआ था और शुरुआती तीन वर्षों में इस पर 204.76 लाख रुपये खर्च किए गए। लेकिन 1983 में निर्माण कार्य अचानक बंद हो गया। तब से अब तक कई बार इसे पुनर्जीवित करने के प्रयास हुए, मगर सफलता नहीं मिली।

मक्केपायली गांव के समीप प्रस्तावित इस प्रकल्प से करीब 5,250 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होने का अनुमान था। इससे 25 गांवों के किसानों को लाभ मिलता, जिनमें 13 गांव आदिवासी बहुल हैं। बावजूद इसके, प्रकल्प ठप रहने से पूरा क्षेत्र आज भी प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है।

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स्थानीय स्तर पर तीन गांवों के विरोध और वन अनुमति से जुड़ी जटिलताओं ने इस प्रकल्प को आगे बढ़ने नहीं दिया। नतीजतन, दशकों पुरानी यह योजना आज भी कागजों में सिमटी हुई है, जबकि लागत में भी भारी वृद्धि हो चुकी है।

तीन गांवों का विरोध बना बाधा

प्रकल्प क्षेत्र में मारोडा, टवेला, कारवाफा, फुलबोडी, रेखाटोला, कोंदावाही और कुथेगांव गांव शामिल हैं। इनमें से रेखाटोला, कोंदावाही और कुथेगांव ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव का विरोध किया, जिससे परियोजना अटक गई।

26 वर्षों से प्रयास बेनतीजा

1983 में काम बंद होने के बाद वर्ष 2000 में इसे पुनः शुरू करने की पहल की गई। 2002 में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया, जिस पर अतिरिक्त तकनीकी व वन संबंधी जानकारी मांगी गई। 2007 में जानकारी उपलब्ध कराने और 2008 में निरीक्षण के बावजूद परियोजना को मंजूरी नहीं मिल सकी।

करीब 26 वर्षों के लगातार प्रयासों के बाद भी कारवाफा प्रकल्प जमीन पर नहीं उतर सका, जिससे धानोरा क्षेत्र के किसानों को आज तक सिंचाई सुविधा का इंतजार है।

Dhanora karwafa irrigation project delayed forest law villagers protest

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Published On: Apr 07, 2026 | 03:20 PM

Topics:  

  • Gadchiroli News
  • Irrigation
  • Maharashtra News

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