भापजा नेता अंबरीशराव आत्राम के बगावती तेवर, बोले- पार्टी का टिकट मिले-न-मिले, उतरेंगे चुनावी मैदान में
महायुति में तीसरा दल शामिल होने के बाद राज्य के अनेक विधानसभा क्षेत्र में राजनीति गर्मा गई है। टिकट कटने की आशंका के चलते प्रत्याशी दल बदलने से गुरेज नहीं कर रहे। अहेरी विधानसभा क्षेत्र में भी महायुति के संभावित उम्मीदवारों को लेकर भ्रम की स्थिति है।
- Written By: आकाश मसने
बीजेपी नेता अम्ब्रीशराव आत्राम
गडचिरोली: महायुति में तीसरा दल शामिल होने के बाद राज्य के अनेक विधानसभा क्षेत्र में राजनीति गर्मा गई है। टिकट कटने की आशंका के चलते प्रत्याशी दल बदलने से गुरेज नहीं कर रहे। अहेरी विधानसभा क्षेत्र में भी महायुति के संभावित उम्मीदवारों को लेकर भ्रम की स्थिति है। वर्तमान विधायक तथा कैबिनेट मंत्री एनसीपी के होने के कारण इस सीट का टिकट युति के कौनसे घटक दल के पलड़े में जाएगा इस चर्चा का बाजार गर्म है।
भाजपा नेता और पूर्व पालकमंत्री राजे अंबरीशराव आत्राम की भूमिका को लेकर राजनीतिक अटकलें शुरु है। अहेरी में हाल ही में आयोजित भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों लेकर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में पूर्व पालकमंत्री अम्ब्ररीशराव आत्राम ने महायुति के ही मंत्री पर अनेक टिप्पणियां की साथ ही स्पष्ट किया कि वे हर हाल में चुनाव लड़ेंगे। अब देखना यह है कि उन्हें किस पार्टी से उम्मीदवार बनाया जाता है।
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कंपनी की सुविधा पर ध्यान
पूर्व पालकमंत्री राजे अंबरीशराव आत्राम ने टिप्पणी करते हुए कहा कि विगत कुछ वर्षो से इस क्षेत्र में सरकार नहीं बल्कि कंपनी राज की स्थिति निर्माण हुई है। कंपनी के वाहनों के कारण अनेक जाने गई है। अनेक लोग गंभीर घायल हुए है। दुर्घटना होने के पश्चात घायल को राहत की बजाय कंपनी की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है। स्थानीय लोगों को नौकरी देने के बजाए नेता ही सेवा कर रहे हैं।
आत्राम ने कहा कि तथाकथित कंपनी के कारण सड़कें, खेती, नदी-नालों को भारी नुकसान हो रहा है। नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे है। सर्वत्र हाहाकार मच गया है। परिसर में अराजकता को बदलकर विकास के लिए तथा भविष्य के लिए विचार करने का अब समय आ गया है।
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कब तक लड़ेंगे चुनाव
राजे अंबरीशराव आत्राम ने कहा कि आवश्यकता से अधिक पैसा इकट्टा होने पर व्यक्ति का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है और कुछ भी सुझने लगता है। वानप्रस्थाश्रम की उम्र में लोग फिल्म निकालने लगे है, यह उन्हे शोभा देता है क्या? उन्होंने टिप्पणी की कि अनेक वर्षो से मेरा अंतिम चुनाव है, ऐसा कहने वालों का अंतिम चुनाव कब है?
