Gadchiroli District: बैसाखी के पर्व को देश में काफी महत्व है. यह सिख धर्म का प्रसिद्ध पर्व है. यह अपनी सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक तथा सार्वजनिक जीवन में प्रबोधन करने वाला है. इससे राष्ट्रीय चेतना जागृत होती है. गुरु गोविंद सिंह के निर्भय संगठन का संदेश देते हुए राष्ट्र की एकात्मता मजबूत करता है. यह देश की एकात्मता के तौर पर श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है.
इसके साथ ही सिख समुदाय के युवक शिक्षा से दूर है, जिससे वे शिक्षा के मुख्य धारा में आकर उच्च शिक्षा ले व अपने सिख समुदाय का विकास करने का आह्वान विधायक रामदास मसराम ने किया. आरमोरी तहसील के पेठ तुकुम में स्थित गुरुद्वारा कमेटी की ओर से खालसा साजना दिवस बैसाखी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस समय महात्मा गांधी वरिष्ठ महाविद्यालय के प्राचार्य लालसिंह खालसा, कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष दिलीप घोडाम, कवडु सहारे, बंडु खोडवे, भीमराव पात्रिकर, हरिश ठकराणी, करतार सिंह डागी, गुरुदीप सिंह वृध्दा, भगत सिंह जूनी, राजा सिंह डागी, भुमुनासिंह, हटिलसिंह, करतासिंह जूनी, जगदीश जूनी आदि उपस्थित थे.
आगे मसराम ने बैसाखी संस्कृति भारत के सांस्कृतिक वारसा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, सिख समाज अपनी कला व हस्तकला के माध्यम से देश की सांस्कृतिक वारसा समृद्ध किया है, जिससे सिख समुदाय संस्कृति का संरक्षण करने के लिए विद्यार्थी उच्च शिक्षा लेकर वारसा अधिक समृद्ध करने का प्रयास करें. इस समय प्राचार्य खालसा ने भी मार्गदर्शन किया.