लाखनी में किसानों ने किया ताला ठोको आंदोलन, 8 दिनों के भीतर लिमिट उपलब्ध कराने का आश्वासन
लाखनी में किसानों ने बकाया भुगतान और कर्जमाफी के लिए ताला ठोको आंदोलन किया। प्रशासन ने 8 दिन में समस्या समाधान का आश्वासन दिया।
Bhandara News: किसानों के बकाया भुगतान और कर्जमाफी के ज्वलंत मुद्दों को लेकर बुधवार को लाखनी तहसील कार्यालय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. छत्रपति शिवाजी महाराज किसान संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ताला ठोको आंदोलन किया. इस आंदोलन की गूंज तब और तेज हो गई जब सरपंच संगठन ने भी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का ऐलान कर दिया.आंदोलनकारियों का नेतृत्व कर रहे पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि किसानों का धैर्य अब जवाब दे रहा है.
यदि अगले 7 दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान और कर्जमाफी की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो पूरे भंडारा जिले में चक्काजाम किया जाएगा और जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू किया जाएगा. किसानों की मुख्य पीड़ा सरकार की ओर से धान खरीद की लिमिट और तकनीकी अड़चनों को लेकर है, जिसके कारण हजारों परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. सरपंच संगठन के अध्यक्ष शरद इटवले ने मौके पर पहुंचकर कहा कि गांव का विकास किसानों की खुशहाली पर निर्भर है, इसलिए सरपंच पूरी तरह उनके साथ हैं.
इस विरोध प्रदर्शन में किसान संगठन के अध्यक्ष धनंजय लोहबरे, सुरेश बोपचे, दिनेश वासनिक, सीताराम डोंगरवार, मदन बांते, अनिल तिजारे, उमेश पडोले और विनोद कोहाडकर सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. प्रशासन के लिए अब यह 8 दिन की समय सीमा किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगी.बाक्सतहसीलदार घावटे किया आश्वस्तस्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार शीतल घावटे ने आंदोलनकारियों के बीच पहुंचकर उनसे चर्चा की.
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उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि अगले 8 दिनों के भीतर संबंधित लिमिट उपलब्ध करा दी जाएगी. प्रशासन के इस ठोस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना आंदोलन फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है. हालांकि, किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा में वादे पूरे नहीं हुए, तो आंदोलन और भी उग्र स्वरूप धारण करेगा.
