गड़चिरोली न्यूज
Tribal Development Department Maharashtra: आदिवासी विकास विभाग की अनुदानित आश्रम शालाओं में मान्यता लंबित रहे 1,433 शिक्षकों में से 1,222 शिक्षकों को शासन द्वारा विशेष प्रकरण के रूप में नियुक्ति की तिथि से मान्यता प्रदान की गई थी। हालांकि, बकाया वेतन का मामला हल न होने के कारण पिछले 25 वर्षों से इस मांग के लिए संघर्ष जारी था। अब वित्त विभाग की मंजूरी मिलने से संबंधित कर्मचारियों को बकाया वेतन मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
इसके लिए शिक्षक विधायक सुधाकर अडबाले ने शासन स्तर पर लगातार पाठपुरावा किया। कुछ कर्मचारियों ने बकाया वेतन की मांग को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय के आदेश के अनुसार, 1,222 कर्मचारियों को बकाया वेतन का भुगतान करने संबंधी प्रस्ताव आयुक्त, नासिक के माध्यम से शासन को भेजा गया था।
अनुदानित आश्रम शालाओं के कर्मचारियों की ओर से पिछले 25 वर्षों से लगातार यह संघर्ष जारी था, लेकिन मामला शासन स्तर पर लंबित पड़ा हुआ था। कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए संघटना द्वारा समय-समय पर अपर आयुक्त, आयुक्त तथा मंत्रालय स्तर पर निरंतर प्रस्ताव किया गया। इस प्रकरण में कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए शिक्षक विधायक सुधाकर अडबाले ने संगठन को ठोस आश्वासन दिया था।
उन्होंने स्पष्ट किया था कि जब तक 1,433 शिक्षक एवं कर्मचारियों को बकाया वेतन नहीं मिलता, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इसी क्रम में उन्होंने विधानमंडल में बार-बार यह विषय उठाया और तत्काल निर्णय की मांग की। परिणामस्वरूप, 1,222 में से वर्तमान में कार्यरत 1,051 शिक्षक एवं कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से बकाया वेतन मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
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नियुक्ति की तिथि से बकाया वेतन दिलाने की इस मांग के लिए सीटू संलग्नित आदिवासी विकास आश्रम शाला शिक्षक एवं कर्मचारी संगठन के विभागीय अध्यक्ष रामदास खवशी, अनुदानित आश्रम शाला संगठन के सचिव विकास जनबंधु, विभागीय उपाध्यक्ष यादव धानोरकर, पुरुषोत्तम डोंगरवार, किसनदेव टिकले, रमेश कोरचा, सचिन खोब्रागडे सहित अन्य पदाधिकारियों ने निरंतर प्रयास किए।