प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Life Aaving Skills: छत्रपति संभाजीनगर उचित प्रशिक्षण मिलने पर वाहन चालक पर्यटकों से जुड़ी आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक की भूमिका निभा सकते हैं। इससे पर्यटकों में सुरक्षा व विश्वास की भावना बढ़ती है। यह प्रतिपादन केंद्र सरकार के पर्यटन विभाग की निदेशक मालती दत्ता ने किया।
केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से औरंगाबाद टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन (एटीडीएफ) व यूनाइटेड कूल कैब टैक्सी यूनियन के सहयोग से शहर में पर्यटन सुरक्षा कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पर्यटक चालकों की भूमिका प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले के रूप में बेहद अहम है। इस दौरान कमलनयन बजाज अस्पताल के डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ की ओर से विशेष जीवनरक्षक कौशल प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
इसमें मेडिकल आपात स्थितियों को संभालने व गंभीर परिस्थितियों में पर्यटकों को तुरंत सहायता देने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में शहर व आसपास के क्षेत्रों से 200 से अधिक पर्यटक कैब चालकों ने भाग लिया।
डॉ. श्रीकांत व डॉ अभिजीत ने कैच चालकों को प्रशिक्षण किया। कमलनयन बजाज अस्पताल के डॉ. जॉर्ज फर्नाडिस व डॉ अजय रोटे ने पर्यटकों से जुड़ी चिकित्सा आपात स्थितियों में मूल जीवनरक्षक कौशल, त्वरित प्रतिक्रिया व शांत निर्णय लेने के महत्व पर जोर दिया। तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध न होने की स्थिति में जिम्मेदारी से प्रशिक्षण का उपयोग कर जान बचाने के लिए चालकों को प्रोत्साहित किया।
एटीडीएफ के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने पर्यटन में चालकों की भूमिका के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि चालक अक्सर पर्यटकों के लिए पहला संपकी बिंदु होते हैं। वे अच्छा व्यवहार, जिम्मेदारी व समय पर आधात सहायता प्रदान कर वे पर्यटकों के साथ विश्वास व सकारात्मक संबंध स्थापित करने में मदद करते हैं।
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आभार यूनाइटेड कूल कैब टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष व परियोजना प्रमुख मोहम्मद इलियास ने माना, कार्यक्रम की सफलता के लिए कृष्णा जाधव, शेख साद व स्नेहल पाटील ने विशेष परिश्रम किए,