यवतमाल रेलवे स्टेशन (सौजन्य-नवभारत)
Ticket Black Marketing Yavatmal: यवतमाल रेलवे स्टेशन के टिकट आरक्षण काउंटर पर दलालों का कब्जा होने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि दलालों और कुछ रेलवे कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण आम नागरिकों को टिकट आरक्षण कराने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले की जानकारी मिलते ही शिवसेना के नगरसेवक पिंटू बांगर ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
यवतमाल शहर के अनेक नागरिकों को नौकरी, व्यवसाय तथा अन्य कार्यों के सिलसिले में अक्सर बाहर जाना पड़ता है। रेल यात्रा अपेक्षाकृत सस्ती और सुविधाजनक होने के कारण लोग इसे प्राथमिकता देते हैं। नागरिकों की मांग पर यवतमाल रेलवे स्टेशन पर टिकट आरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, लेकिन अब इसी सुविधा का दुरुपयोग होने की बात सामने आ रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, नगरसेवक पिंटू बांगर जब बुधवार शाम रेलवे स्टेशन पहुंचे तो उन्हें यह अनियमितता दिखाई दी। वहां मौजूद कई यात्रियों ने भी टिकट आरक्षण के दौरान हो रही परेशानी की शिकायत की। बताया जा रहा है कि काउंटर पर टिकट आसानी से उपलब्ध नहीं होते, जबकि दलालों के माध्यम से फोन पर ही आरक्षण किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, एक टिकट पर 500 से 600 रुपये तक की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है, जिसे दलाल और संबंधित कर्मचारी आपस में बांटते हैं। बांगर ने इसे आम यात्रियों की खुली लूट बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस संबंध में पिंटू बांगर ने पूर्व सांसद भावना गवली और वर्तमान सांसद संजय देशमुख से दूरभाष पर संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी। बताया गया है कि सांसद देशमुख ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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शिवसेना के नगरसेवक पिंटू बांगर ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषी दलालों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा आम नागरिकों को पारदर्शी और सुगम टिकट आरक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
यवतमाल रेलवे स्टेशन पर दलालों के जरिए केवल फोन पर टिकट आरक्षण कर दिया जाता है और इसके बदले प्रति टिकट लगभग 500 से 600 रुपये अतिरिक्त वसूले जाते हैं। इस तरह आम यात्रियों का आर्थिक शोषण हो रहा है। नागरिकों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।