पुणे में टीडीआर प्रस्तावों पर बड़ी राहत, अब 7 कार्य दिवस में होगा निपटारा, बिल्डरों को फायदा
Pune Municipal Corporation ने टीडीआर प्रस्तावों के निपटारे के लिए नई कार्यप्रणाली लागू की है। अब पात्र प्रस्तावों को 7 कार्य दिवस में मंजूरी मिलेगी और निर्माण क्षेत्र को गति मिलने की उम्मीद है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
Pune PMC TDR Proposal: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) में टीडीआर यानी हस्तांतरणीय विकास अधिकार के प्रस्तावों को लेकर होने वाली महीनों की देरी अब बीते दिनों की बात होने जा रही है। शहर के बिल्डरों, आर्किटेक्ट्स और नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए मनपा प्रशासन ने नई कार्यप्रणाली लागू की है।
अब पात्र टीडीआर प्रस्तावों का निपटारा महज 7 कार्य दिवसों के भीतर करना अनिवार्य होगा। हाल ही में सिटी इंजीनियर अनिरुद्ध पावसकर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में फाइलों के लंबित रहने पर कड़ा रुख अपनाया गया।
नई व्यवस्था के तहत, जैसे ही कोई आर्किटेक्ट प्रस्ताव दाखिल करेगा, आवक-जावक विभाग उसी दिन उसे संबंधित जूनियर इंजीनियर को भेज देगा। जूनियर इंजीनियर के लिए 3 दिनों के भीतर जांच और स्थल निरीक्षण पूरा करना अनिवार्य होगा।
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डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए तत्काल मिलेगी रसीद
- मंजूरी के बाद डीआरसी (विकास अधिकार प्रमाणपत्र) पर हस्ताक्षर होते ही, उसी दिन या अगले दिन ऑनलाइन डिजिटल सिग्नेचर के जरिए टीडीआर खर्ची अभिप्राय संबंधित पक्षों को भेज दिया जाएगा।
- इससे बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पहले टीडीआर के लिए लगभग 40 प्रकार के दस्तावेज देने पड़ते थे, जिनकी संख्या अब कम कर दी गई है।
- यदि प्रस्ताव अयोग्य है, तो उसे 3 दिनों के भीतर कारण सहित निरस्त कर सूचित करना होगा। इस निर्णय से निर्माण क्षेत्र में तेजी आने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगने की उम्मीद है। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी स्थिति में 90 दिनों के भीतर जटिल से जटिल मामलों का भी अंतिम निपटारा कर दिया जाए।
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नई कार्यप्रणाली से आएगी पारदर्शिता
नई कार्यप्रणाली को चरणों में विभाजित किया गया है ताकि अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके। इसके तहत 3 दिन में जूनियर इंजीनियर को जांच पूरी करनी होगी। और अगले 5 दिन के भीतर मंजूरी योग्य प्रस्ताव सिटी इंजीनियर के हस्ताक्षर के लिए भेजने होंगे। प्रस्ताव मंजूर हो या नामंजूर, संबंधित डेवलपर और आर्किटेक्ट को ई-मेल के जरिए तुरंत सूचित भी करना अनिवार्य किया गया है।
