Maharashtra News: महाराष्ट्र में गणेश उत्सव को लेकर राज्य सरकार और केंद्र ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 20 अगस्त को घोषणा की कि इस बार भारतीय रेलवे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 367 अतिरिक्त ट्रेनें चलाएगा। यह विशेष पहल 27 अगस्त से शुरू हो रहे गणेशोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
गणेशोत्सव महाराष्ट्र का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व है। इस अवसर पर हर साल भारी संख्या में लोग मुंबई और पुणे से अपने पैतृक गांव, खासकर कोकण क्षेत्र की ओर लौटते हैं। यात्रा के दौरान टिकटों की भारी किल्लत और भीड़भाड़ आम समस्या रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस बार 367 अतिरिक्त रेलगाड़ियों का संचालन करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, इस कदम से न केवल मुंबई और पुणे से कोकण जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों से यात्रा करने वाले श्रद्धालु भी लाभान्वित होंगे।
राज्य सरकार की पहल पर केंद्र का निर्णय
सीएम फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार ने गणेशोत्सव के दौरान अतिरिक्त रेल सेवाओं की मांग केंद्र सरकार से की थी। इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह कदम गणेशभक्तों के लिए बड़ी सौगात है और इससे यात्रा आरामदायक और सुगम होगी।
सम्बंधित ख़बरें
रेत माफियाओं पर पुलिस का शिकंजा, अमरावती में LCB की बड़ी कार्रवाई, 61.25 लाख का माल जब्त
अमरावती पुलिस विभाग में व्यापक तबादले, शहर के 10 थाना क्षेत्रों के लिए नई जिम्मेदारियां तय
MSME Technology Centre Mumbai Admission 2026: 3 वर्षीय डिप्लोमा कोर्सेज के लिए प्रवेश शुरू, ऐसे करें अप्लाई
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस: भंडारा सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन की ओर अग्रसर
यह भी पढ़ें- गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव का दर्जा, योगेश कदम ने CM फडणवीस संग हुई बैठक का किया खुलासा
प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए कहा कि इस निर्णय से त्योहार के उल्लास में कोई बाधा नहीं आएगी। फडणवीस ने कहा कि कोकण लौटने वाले यात्रियों के सामने टिकट की सबसे बड़ी समस्या रहती थी, लेकिन अब 367 अतिरिक्त ट्रेनों से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
सांस्कृतिक पर्व की सुचारुता पर जोर
गणेशोत्सव को महाराष्ट्र की पहचान माना जाता है और इसे राज्य का सांस्कृतिक मानबिंदु कहा जाता है। हर साल लाखों लोग अपने परिवार और गांवों में उत्सव मनाने लौटते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय राज्य के इस पर्व को और सुचारु बनाने वाला साबित होगा।
रेलवे की इस घोषणा ने कोकणवासियों और श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी ला दी है। अब गणेशभक्त बिना किसी बड़ी परेशानी के अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे और उत्सव को पूरे उल्लास के साथ मना सकेंगे।
