

Highlights:
गड़चिरोली में ओबीसी समाज की लंबित मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर विशाल मोर्चा।
शिवाजी महाविद्यालय मैदान से निकले मोर्चे में हजारों लोग हुए शामिल।
ओबीसी समाज की स्वतंत्र जातिवार जनगणना और उचित वर्गीकरण की मांग प्रमुख मुद्दा।
Gadchiroli OBC Morcha: अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आज रविवार 1 नवंबर को गड़चिरोली में हजारों लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर विशाल मोर्चा निकालकर अपनी एकजुटता और नाराजगी जाहिर की।
शिवाजी महाविद्यालय मैदान से निकला यह मोर्चा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दोपहर में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। यहां आयोजित सभा में ओबीसी समाज के नेताओं ने सरकार की नीतियों और समाज की लंबित मांगों को लेकर अपनी बात रखी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ओबीसी समाज की जनगणना में स्वतंत्र रूप से गणना एवं उचित वर्गीकरण करने की मांग इस आंदोलन का प्रमुख मुद्दा रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश की जनगणना में ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या का स्पष्ट आंकड़ा सामने आना आवश्यक है। इसके लिए ओबीसी समाज की स्वतंत्र रूप से जातिवार गणना और उसका उचित वर्गीकरण किया जाना चाहिए।
समाज की जनसंख्या के वास्तविक आंकड़े उपलब्ध होने पर ही शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं में उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे। मोर्चे में शामिल वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी समाज लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और विभिन्न सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है।
ओबीसी नेताओं ने कहा कि जनगणना में समाज की स्वतंत्र और सटीक गणना होना बेहद जरूरी है। जनसंख्या के सही आंकड़ों के अभाव में समाज को मिलनेवाले अधिकारों, सुविधाओं और प्रतिनिधित्व का उचित आकलन नहीं हो पाता। इसलिए जनगणना में ओबीसी समाज की अलग से पहचान दर्ज कर उचित वर्गीकरण किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में ओबीसी समाज को न्यायसंगत अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ओबीसी समाज की मांगों को गंभीरता से लेकर उनका शीघ्र निराकरण किया जाना चाहिए, केवल आश्वासन देकर समाज की आवाज को दबाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया और उन्हें पूरा करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में इससे भी अधिक तीव्र आंदोलन किया जाएगा। हजारों लोगों की उपस्थिति में निकाले गए इस मोर्चे के माध्यम से ओबीसी समाज ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।