

Highlights:
युवती की आत्महत्या के मामले में कुरखेड़ा पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस भर्ती की तैयारी के दौरान इंस्टाग्राम पर युवती और शिवकुमार करसायल की पहचान हुई थी।
युवती को उम्मीद थी कि उसका प्रेमी उससे विवाह करेगा, लेकिन बाद में उसने कथित तौर पर शादी से इनकार कर दिया।
Gadchiroli Love Affair Suicide Case: पुलिस भर्ती की तैयारी के दौरान दो दिल मिले, प्रेम संबंध बने और बात शादी तक पहुंच गई। लेकिन इस प्रेम कहानी में तीसरे व्यक्ति की एंट्री होने से रिश्ते में दरार आ गई। प्रेम और विश्वास टूटने से मानसिक रूप से आहत एक युवती ने अपने ही घर में 7 सितंबर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आखिरकार इस मामले में युवती के प्रेमी पुलिस कांस्टेबल और एक महिला पुलिस कर्मी को 52 दिन बाद कुरखेड़ा पुलिस ने 29 अक्टूबर को गिरफ्तार किया है।
30 अक्टूबर को न्यायालय में पेश करने पर न्यायालय ने 2 नवंबर तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है। उल्लेखनीय है कि, आत्महत्या से पहले युवती द्वारा लिखी गई चिट्ठी और उसकी मां की शिकायत के आधार पर कुरखेड़ा पुलिस ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार पुलिस कर्मियों में शिवकुमार छोटेलाल करसायल (28) और महिला पुलिस कर्मी अश्विनी राऊत (26) का समावेश है। इंस्टाग्राम पर हुई थी पहचान कुरखेड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के आंजनटोला गांव की एक युवती ने पिछले वर्ष पुलिस भर्ती का सपना लेकर गड़चिरोली में तैयारी शुरू की थी। वह लांझेड़ा क्षेत्र में किराये का कमरा लेकर रहती थी।
इसी दौरान इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी पहचान कोरची तहसील के टेमली निवासी शिवकुमार छोटेलाल करसायल (28) से हुई। शिवकुमार भी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। दोनों की मुलाकात मैदान में होने लगी और धीरे-धीरे उनकी नजदीकियां प्रेम संबंधों में बदल गईं।
इस बीच शिवकुमार का पुलिस भर्ती में चयन हो गया, लेकिन युवती का चयन नहीं हो सका। शिवकुमार की नियुक्ति किटाली स्थित कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में हुई। भर्ती में असफल रहने से निराश युवती अपने गांव लौट गई, लेकिन दोनों के प्रेम संबंध कायम रहे। उसे उम्मीद थी कि, भविष्य में उसका भी पुलिस भर्ती में चयन होगा और वह शिवकुमार से विवाह करेगी।
बताया जा रहा है कि, शिवकुमार की पहचान गड़चिरोली पुलिस थाने में कार्यरत महिला पुलिस कांस्टेबल अश्विनी राऊत (26) से हुई। इसके बाद शिवकुमार अपनी प्रेमिका से दूर होने लगा और विवाह करने से भी इनकार कर दिया। इससे युवती मानसिक रूप से परेशान रहने लगी।
इसी बीच महिला पुलिस कांस्टेबल अश्विनी ने युवती को फोन कर कथित तौर पर अपमानजनक भाषा में बात की और उसे फटकार लगाई। इस घटना से युवती और अधिक टूट गई। जिस व्यक्ति से उसने प्रेम किया था, उसी से धोखा मिलने और विवाह का सपना बिखरने से वह गहरे मानसिक तनाव में चली गई। आखिरकार 7 सितंबर को युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या से पहले उसने पूरे घटनाक्रम का उल्लेख एक चिट्ठी में किया था। युवती की मा को बेटी की मानसिक स्थिति की जानकारी थी। उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आत्महत्या के पीछे के कारणों का उल्लेख किया और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायत और युवती द्वारा लिखी गई चिट्ठी के आधार पर कुरखेड़ा पुलिस ने मामले की जांच की। घटनाक्रम की पड़ताल के बाद आत्महत्या के 52 दिन बाद पुलिस कांस्टेबल शिवकुमार करसायल और महिला पुलिस कांस्टेबल अश्विनी राऊत को युवती की आत्महत्या के लिए कथित रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग ने यह संदेश दिया है कि, कानून के सामने सभी समान हैं और आरोपों की जांच में किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।