

Gadchiroli Flood SDRF Rescue 525 People : छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण गड़चिरोली के भामरागड़ में पर्लकोटा नदी उफान पर आ गई।
बाढ़ का पानी शहर में घुसने के बाद प्रशासन ने 525 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। 63 गांवों का संपर्क अब भी जिला मुख्यालय से कटा हुआ है। SDRF ने दो गंभीर मरीजों को नाव से नदी पार कराकर अस्पताल पहुंचाया।
गड़चिरोली, छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश का असर दक्षिण गड़चिरोली के भामरागड़ तहसील में देखने को मिल रहा है। तहसील मुख्यालय के पास से बहने वाली पर्लकोटा नदी में बाढ़ आने से भामरागड़ शहर समेत आसपास का क्षेत्र जलमग्न हो गया। बाढ़ का पानी शहर में घुसने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 525 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया।
शनिवार को बाढ़ का पानी कुछ कम हुआ, लेकिन कई इलाकों में स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है। पर्लकोटा नदी में बाढ़ के कारण भामरागड़ तहसील मुख्यालय समेत करीब 100 गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ था। पुलिया के ऊपर से पानी बहने के कारण प्रशासन ने आवागमन पर रोक लगा दी।
पिछले दो दिनों से भामरागड़ में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। हालांकि बाढ़ के कारण भामरागड़ तहसील के 63 गांवों का संपर्क अब भी टूट गया है।
इससे इन गांवों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए जिला प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर बंदोबस्त बढ़ाते हुए बैरिकेड्स लगाए हैं और नागरिकों से नदी-नालों तथा पुलों के पास नहीं जाने की अपील की है।
पर्लकोटा नदी पर नए पुल का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चलने के कारण स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। बाढ़ के दौरान पुराने मार्ग पर पानी चढ़ने से भामरागड़ का संपर्क प्रभावित हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नए पुल का निर्माण जल्द पूरा होने से ऐसी स्थिति में आवागमन की समस्या कम हो सकती है।
बाढ़ के बीच दो गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया। पर्लकोटा नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण भामरागड़-आलापल्ली मार्ग पर यातायात बंद था।
ऐसे में राज्य आपदा प्रतिक्रिया दल (SDRF) की टीम ने दोनों मरीजों को नाव की मदद से पर्लकोटा नदी पार कराकर हेमलकसा तक सुरक्षित पहुंचाया। इसके बाद एंबुलेंस से दोनों को आगे के उपचार के लिए अहेरी उपजिला अस्पताल भेजा गया।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस वर्ष करीब तीन बार भामरागड़ का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है।