

Highlights:
आष्टी के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक में 2 नवंबर को दोपहर 3 बजे शुरू हुआ रास्ता रोको आंदोलन 26 घंटे बाद भी जारी रहा।
तेज बारिश के बावजूद किसान आंदोलन स्थल पर डटे रहे और MIDC के लिए जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव रद्द करने की मांग की।
किसानों ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव वापस लिए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
Gadchiroli Farmers Protest: एमआईडीसी के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में आष्टी क्षेत्र के किसानों का आंदोलन बारिश के बावजूद जारी है। 2 नवंबर को दोपहर 3 बजे डॉ. बाबासाहेव आंबेडकर चौक में शुरू हुआ रास्ता रोको आंदोलन 26 घंटे बाद भी जारी रहा।
किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि, वह किसी भी परिस्थिति में अपनी जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे। 'हमारी खेती, हमारी जमीन और हमारे परिवार का जीवन बचाओ' का नारा लगाते हुए किसान तेज बारिश के बीच भी सड़क पर डटे हुए हैं। जमीन बचाने की मांग पर अडिग किसानों ने चेतावनी दी है कि, जब तक एमआईडीसी के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
आंदोलन के दौरान आष्टी क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई, लेकिन इसका किसानों के हौसले पर कोई असर नहीं पड़ा। कई किसान बारिश में भीगते हुए आंदोलन स्थल पर डटे रहे। किसानों का कहना है कि, खेती केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। इसलिए एमआईडीसी के नाम पर भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव पूरी तरह रद्द किया जाना चाहिए। आंबेडकर चौक में जारी रास्ता रोको आंदोलन के कारण आष्टी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। विशेषतः आंदोलनकर्ताओं ने सडक पर ही रात बिताई।
आंदोलन के चलते 2 दिनों से यातायात बाधित होने के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को नियंत्रित रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का कड़ा बंदोबस्त तैनात किया गया है। विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे ने आंदोलनकारी किसानों को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि, अब तक यह मुलाकात नहीं हो सकी है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ गई है।
किसानों ने दो टूक कहा है कि, भूमि अधिग्रहण का फैसला वापस लिए बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा। अब सरकार और प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं तथा भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव वापस लिया जाता है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर आष्टी सहित गणपुर, जयरामपुर, मुधोली और आसपास के क्षेत्र के लोगों की नजरें टिकी हैं।