नागपुर में विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति-सास समेत 4 दोषियों को 10 साल की सजा

Dowry Harassment Conviction Nagpur: नागपुर कोर्ट ने नंदिनी सुखदान आत्महत्या कांड में पति, देवर, सास और ननद को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने चारों को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
Nagpur Additional Sessions Court
गिरफ्तार दोषी की प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- AI
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Highlights

  • नागपुर जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-15 की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया।

  • प्रत्येक दोषी पर 500 रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया।

  • नंदिनी ने 8 सितंबर 2022 को बेला गांव के पास ट्रेन से कूदकर आत्महत्या की थी।

Nagpur Additional Sessions Court: नागपुर जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-15 की कोर्ट ने पारडी थाना क्षेत्र में विवाहित महिला नंदिनी धरम सुखदान को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में उसे पति, सास, ससुर समेत 4 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास और प्रत्येक को 500 रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनाई।

दोषियों में जय अंबेनगर निवासी धरम परमानंद सुखदान, शैलेश परमानंद सुखदान, किरण परमानंद सुखदान और सोनम पंकज भंवर बताये गये हैं। जानकारी के अनुसार, घटना सितंबर 2022 की है।

नागपुर ग्रामीण पुलिस क्षेत्र के पास ट्रेन से कूदकर अपनी जान दे दी

पारडी थाने में दर्ज मामले में अनुसार, नंदिनी अपने पति धरम, देवर शैलेश, सास किरण के साथ जय अंबेनगर में रहती थी-शादी के एक वर्ष के बाद ही उसका अपनी सास किरण से झगड़ा शुरू हो गया था। आरोप था कि सभी नंदिनी को शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित करते थे। इस काम में उसकी ननद सोनम भी साथ देती थी।

परेशान होकर 8 सितंबर 2022 को नंदिनी ने नागपुर ग्रामीण पुलिस क्षेत्र के बेला गांव के पास ट्रेन से कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने पहले आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया लेकिन नंदिनी की मां ने उसके ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया।

Nagpur Additional Sessions Court
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पुलिस द्वारा पेश गवाह और सबूतों के आधार पर कोर्ट जेल भेजा

जांच में सामने आया कि उसके ससुराल पक्ष के लोग लगातार प्रताड़ित कर रहे थे और इसी वजह से नंदिनी ने आत्महत्या की। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर सभी को 19 सितंबर 2022 को अरेस्ट किया था।

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें, पुलिस द्वारा पेश गवाह और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने उसके चारों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 323 के तहत दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई।

अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील एड, योगिता राऊत और बचाव पक्ष से एड, एनआर कुकवास ने पैरवी की, जबकि पीएसआई अमित मिश्रा ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की। हवलदार विष्णु ठवकर और भास्करराव देवगड़े ने कोर्ट का कामकाज देखा।