

Gadchiroli Ashram School Teachers: एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प, गड़चिरोली के अंतर्गत संचालित सरकारी तथा अनुदानित आश्रमशालाओं के शिक्षकों को शनिवार, रविवार तथा अवकाश के दिनों में रात्रि ड्यूटी के लिए उपस्थित रहने के लिए प्रकल्प प्रशासन द्वारा कथित रूप से बाध्य किए जाने के विरोध में शिक्षकों में तीव्र असंतोष व्याप्त है। इसी के विरोध में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
गड़चिरोली, कलवण, नाशिक, शाहपुर समेत राज्य के विभिन्न आदिवासी विकास प्रकल्प में शिक्षकों के साथ हो रहे कथित अन्याय के विरोध में सीटू संलग्न आदिवासी विकास आश्रमशाला शिक्षक तथा कर्मचारी संगठन ने आंदोलन के पहले चरण के रूप में शिक्षक दिवस पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया था।
संगठन के इस आह्वान को शिक्षकों ने शत-प्रतिशत प्रतिसाद दिया। संगठन का आरोप है कि आश्रमशाला संहिता के अनुसार अधीक्षक तथा अधीक्षिका द्वारा अपने प्रभार की जिम्मेदारी एक-दूसरे को सौंपे जाने का प्रावधान है, लेकिन यह जिम्मेदारी शिक्षकों को दी जा रही है। विद्यार्थियों की सुरक्षा के नाम पर शिक्षकों से रात्रि ड्यूटी कराई जा रही है, जिससे उन्हें मानो चौकीदार की जिम्मेदारी सौंपी जा रही हो।
संगठन के अनुसार इससे शिक्षकों की सेवा शर्तों और निर्धारित कार्य घंटों का उल्लंघन हो रहा है। संगठन ने महिला अधिकारों, विशाखा समिति के दिशा-निर्देशों तथा सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा शिक्षकों के संवैधानिक एवं मानवीय अधिकारों, पारिवारिक जीवन, स्वास्थ्य तथा पर्याप्त विश्राम के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही गई है।
शिक्षकों और शिक्षिकाओं पर रात के समय वीडियो निगरानी रखे जाने से उनकी निजता एवं सम्मान का उल्लंघन होने का आरोप भी संगठन ने लगाया है। आश्रमशालाओं में किसी अप्रिय घटना के घटित होने पर दोष सिद्ध होने से पहले ही शिक्षक, मुख्याध्यापक और अधीक्षक के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई किए जाने का भी संगठन ने आरोप लगाया है।