Free Uniform Scheme Maharashtra: सरकारी स्कूलों में बंटेगी ड्रेस; गुणवत्ता खराब होने पर स्कूल समिति जिम्मेदार
Free Uniform Scheme Maharashtra: सरकारी स्कूलों में इस वर्ष छात्रों को पहले ही दिन दो यूनिफॉर्म सेट दिए जाएंगे। योजना के तहत स्कूल समितियों को रंग और डिजाइन चुनने का अधिकार मिला है।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तसवीर सोर्स सोशल मीडिया
Free Uniform Distribution Scheme In Maharashtra: राज्य के सरकारी और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। इस वर्ष स्कूल शुरू होने के पहले ही दिन छात्रों को दो यूनिफॉर्म सेट उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशासन ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए यूनिफॉर्म की खरीद, रंग और डिजाइन चुनने का पूरा अधिकार स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) को सौंप दिया है।
इन छात्रों को मिलेगा मुफ्त यूनिफॉर्म योजना का लाभ
समग्र शिक्षा अभियान के तहत इस योजना के लिए पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं:
- कक्षा पहली से आठवीं तक की सभी छात्राएं इस योजना की पात्र होंगी।
- अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के सभी छात्र।
- गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों के बच्चे।
- नए प्रवेश लेने वाले छात्रों को भी योजना में शामिल करना अनिवार्य होगा।
- नोट: जो छात्र सामाजिक न्याय, आदिवासी या अल्पसंख्यक विभाग से पहले ही यूनिफॉर्म प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
बजट और वितरण के सख्त निर्देश
सरकार ने दो यूनिफॉर्म सेट के लिए प्रति छात्र 600 रुपये की राशि का प्रावधान किया है। यह राशि स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से ही खर्च की जानी अनिवार्य है। वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए प्रत्येक स्कूल को एक ‘स्टॉक रजिस्टर’ रखना होगा, जिसमें लाभार्थी छात्रों के हस्ताक्षर और वितरण का पूरा रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पात्र छात्र इस योजना से वंचित न रहे।
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गुणवत्ता पर विशेष जोर: पॉलिएस्टर कपड़े से परहेज
पिछले वर्षों में यूनिफॉर्म की खराब गुणवत्ता की शिकायतों को देखते हुए इस बार कड़े मानक तय किए गए हैं:
- कपड़ा उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए जो बच्चों की त्वचा के लिए हानिकारक न हो।
- प्रशासन ने 100 प्रतिशत पॉलिएस्टर कपड़े के उपयोग से बचने की सलाह दी है।
- सिलाई मजबूत और टिकाऊ होनी चाहिए; गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन समिति को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
- यदि निरीक्षण के दौरान यूनिफॉर्म खराब गुणवत्ता की पाई जाती है, तो उसे तुरंत बदलना अनिवार्य होगा।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समूह शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
