बांद्रा ईस्ट में दांव पर दिग्गजों की इज्जत! तृप्ति सावंत और कुणाल सरमलकर की एंट्री से चौतरफा हुई लड़ाई
आगामी चुनाव में बांद्रा ईस्ट से पूर्व विधायक तृप्ति सावंत और सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना के विभाग प्रमुख कुणाल सरमलकर के मैदान में कूदने से लड़ाई चौतरफा हो गई है।
- Written By: रीना पंवार
(फाइल फोटो)
मुंबई : बांद्रा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र मुंबई की हाई प्रोफाइल सीटों में एक मानी जाती हैं, क्योंकि लगभग साढ़े 4 दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी धमक रखने वाला ठाकरे परिवार इसी क्षेत्र का निवासी और मतदाता है। इसी तरह महाराष्ट्र में दलितों के प्रमुख नेताओं में से एक मंत्री रामदास आठवले भी यहीं के निवासी और वोटर हैं। इस बार इस सीट का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि यहां से उद्धव ठाकरे के परिवार से प्रत्यक्ष संबंध रखने वाले वरुण सरदेसाई, शिवसेना यूबीटी के उम्मीदवार हैं।
पहले दावा किया जा रहा था कि वरुण का सीधा मुकाबला क्षेत्र के मौजूदा विधायक और राकांपा अजीत गुट के उम्मीदवार जीशान सिद्दीकी से होगा, लेकिन पूर्व विधायक तृप्ति सावंत और सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना के विभाग प्रमुख कुणाल सरमलकर के मैदान में कूदने से लड़ाई चौतरफा हो गई है। ऐसे में यहां उद्धव ठाकरे उनकी पार्टी के पूर्व मंत्री व विभाग प्रमुख अनिल परब सहित जीशान सिद्दीकी की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है।
2019 दोहराए जाने की संभावना
बांद्रा ईस्ट विधानसभा सीट पर 2009 से 2019 तक शिवसेना का कब्जा था। 2009 और 2014 में शिवसेना के प्रकाश (बाला) सावंत यहां से विधायक चुने गए थे। 2015 में सावंत के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी तृप्ति सावंत ने पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के तत्कालीन उम्मीदवार नारायण राणे को हरा दिया था। लेकिन 2019 में शिवसेना ने तृप्ति की बजाय पूर्व महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर को उम्मीदवार बना दिया। उनका मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार जीशान सिद्दीकी से था, लेकिन तब तृप्ति ने बगावत करके जीशान की राह आसान कर दी। तृप्ति ने करीब 24071 वोट हासिल किए थे, जिसकी वजह से जीशान के खिलाफ 32547 वोट पाने वाले महाडेश्वर 5790 वोटों से चुनाव हार गए थे। बाद में तृप्ति बीजेपी में शामिल हो गई थीं। दूसरी तरफ जीशान भी पाला बदल कर अजीत की रांकापा में चले गए, जो कि सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा है। नतीजतन तृप्ति अब बीजेपी छोड़कर राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की उम्मीदवार बन गई हैं। वहीं कुणाल सरमलकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर गए हैं। इससे बांद्रा पूर्व में 2019 दोहराए जाने की आशंका बढ़ गई है।
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वोटों के विभाजन से दिलचस्प होगा मुकाबला
आगामी चुनाव में बांद्रा ईस्ट सीट से कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 5 मुस्लिम समाज से हैं। यहां वरुण, जीशान, तृप्ति के अलावा कुछ अन्य स्थानीय उम्मीदवार भी हैं, जो कि अपने क्षेत्र और समाज में अच्छा प्रभाव रखते हैं। इनमें वंचित बहुजन आघाडी से प्रतीक जाधव, निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में महमूद देशमुख (आम आदमी पार्टी के बागी नेता), शब्बीर अब्दुल रहमान शेख (पूर्व नगरसेवक के भाई) और संभाजी ब्रिगेड के गणपत गांवकर शामिल हैं। ऐसे में यहां वोटों के जबरदस्त विभाजन के कारण कांटे की टक्कर होना तय है।
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दो जीशान सिद्दीकी भी मैदान में
2024 विधानसभा चुनाव के दौरान बांद्रा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में एक और दिलचस्प बात देखने को मिली है। इस चुनाव में मौजूदा विधायक जीशान सिद्दीकी के अलावा एक और जीशान सिद्दीकी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। मजेदार बात यह भी है कि दोनों जीशान बांद्रा-पूर्व विधानसभा क्षेत्र के निवासी नहीं हैं। विधायक जीशान बांद्रा-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं तो वहीं दूसरे जीशान नागपुर के निवासी हैं।
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ऐसा होगा वोटों का समीकरण
बांद्रा ईस्ट में करीब 38% मराठी, 33% मुस्लिम, 10% दलित एवं शेष 19 फीसदी में अन्य पर प्रांतीय वोटर शामिल हैं। जीशान ने हिंदुओं का वोट हासिल करने के लिए बीते करीब 6 महीनों में अच्छी मेहनत की है, जबकि मुस्लिम वोट में कांग्रेस की मदद से वरुण को फायदा मिलेगा। इस क्षेत्र में तृप्ति और कुणाल का भी अच्छा प्रभाव है।
