गड़चिरोली में पशुपालन संकट, रिक्त पदों से पशु चिकित्सा सेवाएं प्रभावित
Veterinary Services: गड़चिरोली के अहेरी तहसील में पशु चिकित्सा सेवाएं गंभीर संकट में हैं। 18 पशु चिकित्सालयों में भारी पद रिक्तता के कारण पशुपालकों को समय पर इलाज और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
- Written By: अनन्या तिवारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI)
Veterinary Staff Shortage In Gadchiroli Aheri Tehsil: गड़चिरोली जिले में खेती के साथ-साथ पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। लेकिन पशुसंवर्धन विभाग में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण पशुपालकों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। विशेष रूप से अहेरी तहसील की स्थिति चिंताजनक है, जहां पूरे तहसील के 18 पशु चिकित्सालयों का दायित्व केवल 4 पशुधन विकास अधिकारियों पर है।
विभाग में वर्षों से खाली पद, सेवाएं प्रभावित
तहसील में सहायक आयुक्त, पशुधन विकास अधिकारी, सहायक पशुधन विकास अधिकारी, पशुधन पर्यवेक्षक, पशुपट्टीबंधक और परिचर सहित कई पद वर्षों से खाली पड़े हैं। इससे तहसील मुख्यालय से लेकर दूरस्थ गांवों तक पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना मुश्किल हो गया है। पशुओं की संख्या अधिक होने के बावजूद सीमित कर्मचारियों के कारण पशुधन के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी कुछ ही अधिकारियों पर आ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अहेरी तहसील में कुल 18 पशु चिकित्सालय संचालित हैं। इनमें सहायक आयुक्त का 1 पद, पशुधन विकास अधिकारियों के 11 पद, सहायक पशुधन विकास अधिकारी का 1 पद, पशुधन पर्यवेक्षक के 6 पद, पशुपट्टीबंधक के 4 पद तथा परिचर के 14 पद रिक्त हैं।
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खरीफ सीजन में बढ़ा संक्रमण का खतरा
परिणामस्वरूप अधिकांश चिकित्सालय अतिरिक्त प्रभार के आधार पर संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान में खरीफ सीजन शुरू हो चुका है। बरसात के दौरान पशुओं में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में समय पर उपचार, टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच के लिए पर्याप्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने से पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है। किसानों और पशुपालकों ने विभाग से रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाएं सुचारु रूप से उपलब्ध हो सकें।
कई अधिकारी संभाल रहे अतिरिक्त प्रभार
अहेरी तहसील में डॉ. आशीष भोयर के पास नागेपल्ली में मूल पदस्थापना के साथ अहेरी कार्यालय तथा अहेरी पशु चिकित्सालय का अतिरिक्त प्रभार है। डॉ. विशाखा ढेकण यह वेलगुर के अलावा खमनचेरू, आवलमरी और गुड्डीगुडम का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही हैं। डॉ. शुभम राऊत मेडपल्ली के साथ दामरंचा, पेरमिली और इंदारम के चिकित्सालयों का संचालन कर रहे हैं। डॉ. चेतन पेदापल्ली के पास गोविंदगांव, किष्टापुर तथा कमलापुर का अतिरिक्त प्रभार है। इसके अलावा उन्हें सिरोंचा कार्यालय (विस्तार) का भी प्रभार सौंपा गया है, जिसके कारण वे सिरोंचा मुख्यालय में रहते हैं। इससे अहेरी क्षेत्र के तीन चिकित्सालयों का संचालन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
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कई गांवों में गंभीर रिक्तता, कामकाज ठप
अहेरी, नागेपल्ली, देचलीपेठा, खमनचेरू, किष्टापुर और आवलमरी में पशुधन पर्यवेक्षक के पद खाली हैं। मेडपल्ली, दामरंचा, गोविंदगांव और अहेरी में पशुपट्टीबंधक के पद रिक्त हैं। वहीं कई गांवों में परिचरों की कमी से दैनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
