वर्धा में कपास-तूअर-चना के दामों में तेजी, पर किसानों को नहीं मिला लाभ; प्याज उत्पादक अब भी संकट में
Crop Price Hike Maharashtra: वर्धा में कपास, तूअर, चना और तिल के दामों में भारी उछाल आया है, लेकिन भंडारण की कमी और आर्थिक तंगी के कारण फसल पहले ही बेच चुके किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
- Written By: रूपम सिंह
तिल (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Wardha Crop Market: देश का अन्नदाता कहलाने वाला किसान खेती के दौरान प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती लागत, बेमौसम बारिश, रोगों और बाजार की अनिश्चितता जैसी कई परेशानियों का सामना करता है। मेहनत से तैयार की गई फसल को अक्सर उचित दाम नहीं मिल पाते, जिससे किसान आर्थिक संकट में घिर जाता है। वर्तमान में अधिक मास के दौरान कृषि उपज के दामों में तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन इसका लाभ किसानों के बजाय व्यापारियों को मिल रहा है।
इन दिनों बाजार में कपास, तूअर, चना, गेहूं और तिल के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कपास का भाव 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल, तूअर 8 हजार रुपये, चना 6 हजार रुपये तथा तिल 9 हजार 600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। लेकिन अधिकांश किसानों ने कुछ महीने पहले ही कम दामों के कारण अपनी उपज बेच दी थी। उस समय बाजार में मंदी होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
आर्थिक तंगी और भंडारण सुविधा के अभाव में किसानों के पास कम दाम पर फसल बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अब बाजार में तेजी आने के बाद व्यापारियों द्वारा संग्रहित माल को अच्छे दाम मिल रहे हैं और उन्हें भारी लाभ हो रहा है। किसानों के बीच यह चर्चा है कि ‘घर में नहीं बचा शेतमाल और बाजार में मिल रहे हैं अच्छे भाव।’ इस वर्ष कपास, तूअर और चना के दामों में प्रति क्विंटल लगभग 1000 से 1200 रुपये तक की बढ़ोत्तरी हुई है।
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यदि यह लाभ किसानों को मिलता तो उन्हें बड़ी राहत मिल सकती थी। लेकिन अधिकांश किसान पहले ही अपनी उपज बेच चुके हैं, जिससे अब केवल व्यापारी ही इस तेजी का फायदा उठा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्याज उत्पादक किसान अब भी संकट में हैं। वर्धा किसानों के पास प्याज का स्टॉक मौजूद होने के बावजूद उसे अपेक्षित बाजार भाव नहीं मिल रहा है। इससे किसानों में नाराजगी है।
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तिल को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल
इधर तिल की फसल को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल है। पिछले वर्ष बेमौसम बारिश से नुकसान होने के कारण इस बार तिल की खेती कम क्षेत्र में हुई। वर्तमान में तिल का भाव 9,600 से 9,700 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। व्यापारियों का अनुमान है कि उत्पादन कम होने से इस वर्ष तिल का भाव 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल के पार जा सकता है।
