वर्धा: कपास के भाव 10 हजार के पार, लेकिन किसानों के हाथ खाली; कम दाम में बेचने से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ

Wardha News: वर्धा में कपास के दाम ₹10,000 प्रति क्विंटल पहुंचे, लेकिन भंडारण की कमी और गुलाबी इल्ली के कारण अधिकांश किसान पहले ही कम दाम पर फसल बेच चुके हैं। अब व्यापारियों को मिल रहा मोटा मुनाफा
Cotton prices in Wardha hit ₹10,000/quintal. However, most farmers sold their produce earlier at lower rates due to economic crisis. Traders holding stock are now reaping huge profits.
कपास डिजाइन फोटो (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Wardha Cotton Price: वर्धा पिछले एक सप्ताह से कपास के बाजार भाव में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। कपास के दाम प्रति क्विंटल 10 हजार रुपये के पार पहुंच गए हैं। हालांकि, इस बढ़ी हुई कीमत का लाभअधिकांश किसानों को नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक संकट, भंडारण की समस्या और लंबे समय तक भाव नहीं बढ़ने के कारण कई किसानों ने

अपना कपास पहले ही कम दामों में बेच दिया था। अब बढ़े हुए दामों का सबसे अधिक फायदा व्यापारियों को हो रहा है, जिन्होंने कम कीमत पर खरीदा गया कपास स्टॉक कर रखा था। जिले में 8 मई तक निजी व्यापारियों और भारतीय कपास महामंडल (सीसीआई) के माध्यम से 1 लाख 89 हजार 431 किसानों से कुल 28 लाख 44 हजार 879.18 क्विंटल कपास की खरीद की गई है। इसमें निजी व्यापारियों की हिस्सेदारी अधिक रही है।

इस वर्ष जिले में बड़े पैमाने पर वर्धा कपास की खेती की गई थी। किसानों ने बीज, खाद, कीटनाशक और मजदूरी पर भारी खर्च किया, लेकिन बाद में गुलाबी इल्ली के प्रकोप से उत्पादन में भारी गिरावट आई। कई किसानों को प्रति एकड़ केवल तीन से चार क्विंटल उत्पादन ही मिला। उत्पादन घटने और लंबे समय तक बाजार में तेजी नहीं आने से किसानों को मजबूरी में कपास बेचना पड़ा। कई किसानों ने 6,500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कपास बेच दिया। अब बाजार भाव बढ़ने के बाद व्यापारी वही कपास ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमा रहे हैं।

मंडियों में 31,800 किसानों ने बेचा कपास

सीसीआई के माध्यम से वर्धा जिले की सातों कृषि उपज मंडियों में 31 हजार 800 किसानों से 5 लाख 97 हजार 80.51 क्विंटल कपास खरीदा गया। बावजूद इसके, निजी व्यापारियों ने अधिक मात्रा में खरीद की। किसानों का कहना है कि हर साल उनकी उपज बिकने के बाद ही बाजार भाव बढ़ते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है और व्यापारी लाभ कमा लेते हैं। किसानों का लागत खर्च भी नहीं निकल पा रहा है।

बाजार समितिवार कपास खरीद

क्रम समिति किसान संख्या खरीद (क्विंटल)
1 हिंगनघाट 62,687 10,98,658.00
2 वर्धा 22,112 2,74,059.36
3 आर्वी 17,514 4,01,402.32
4 पुलगांव 39,224 4,60,779.61
5 समुद्रपुर 22,949 2,82,231.35
6 सिंदी-रे. 18,833 2,67,182.00
7 आष्टी-श. 6,112 60,566.54
कुल 1,89,431 28,44,879.18
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