मराठों के हित में समाधान निकाला गया, जरांगे के आंदोलन पर CM फडणवीस ने क्या कहा?

Manoj Jarange Patil: महाराष्ट्र में मनोज जरांगे ने पांच दिन से जारी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय के हित में समाधान खोज लिया है।
सीएम देवेंद्र फडणवीस (pic credit; social media)
सीएम देवेंद्र फडणवीस (pic credit; social media)
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Nagpur News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे के पांच दिन से जारी अनशन समाप्त करने के कदम की मंगलवार को सराहना की और कहा कि सरकार ने मराठा समुदाय के हित में समाधान ढूंढ लिया है। फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा मराठा समुदाय के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया है।

कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनकी ज्यादातर मांगों को स्वीकार करने के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया। सरकार ने जरांगे की जिन मांगों को स्वीकार किया है, उसमें पात्र मराठाओं को कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्रदान करना भी शामिल है। इससे मराठा समुदाय के लोग ओबीसी को मिलने वाले आरक्षण लाभ के पात्र हो जाएंगे।

मंत्रियों से बात के बाद फैसला

जरांगे (43) ने भाजपा के वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, जो मराठा आरक्षण पर मंत्रिमंडलीय उप-समिति के प्रमुख हैं, तथा समिति के अन्य सदस्यों द्वारा दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में दिया गया फलों का रस स्वीकार किया और इसके साथ ही उनका अनशन समाप्त हो गया। आजाद मैदान 29 अगस्त से जरांगे का आंदोलन स्थल था। इस बारे में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उन्हें खुशी है कि जरांगे ने अपना अनशन खत्म कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं उप-मुख्यमंत्रियों (एकनाथ शिंदे और अजित पवार) के साथ-साथ राधाकृष्ण विखे पाटिल को भी धन्यवाद देता हूं।"

आलोचना से विचलित नहीं होना

फडणवीस ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि जाति प्रमाण पत्र व्यक्तियों को दिया जा सकता है, समुदाय को नहीं। उन्होंने कहा कि जब आप राजनीति में हों, तो आलोचना से आपको विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने समुदाय के कल्याण के लिए काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, "मेरा उद्देश्य मराठा समुदाय को न्याय दिलाना है।

मेरी सरकार हमेशा मराठों के कल्याण पर केंद्रित रही है और मैं महाराष्ट्र के सभी समुदायों के लिए काम करता रहूंगा, चाहे वे मराठा हों या ओबीसी।" उन्होंने कहा, "हमने उन्हें (जरांगे) उनकी मांगों से जुड़े कानूनी मुद्दों से अवगत कराया।" फडणवीस ने कहा कि मराठों को आरक्षण देने को लेकर ओबीसी में कुछ गलतफहमी है, लेकिन यह गलत है। -एजेंसी इनपुट के साथ

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