

Accountant Loses Rs 3.70 Crore In Sambhajinagar: कंपनी के मालिक के नाम से आए फर्जी WhatsApp संदेश पर भरोसा करना एक लेखापाल को भारी पड़ गया। व्हॉट्सऐप की प्रोफाइल तस्वीर में कंपनी संचालक की बेटी का फोटो लगा होने के कारण लेखापाल ने संदेश को सही मान लिया।
इसके बाद जालसाजों के निर्देश पर लखनऊ और पटना स्थित बैंक खातों में कंपनी के 3 करोड़ 70 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेज दिए गए। बाद में कंपनी संचालक ने फोन कर स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई संदेश नहीं भेजा था। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
घटना 14 और 15 सितंबर के दौरान गारखेडा क्षेत्र के आदित्यनगर में हुई। मामले में दो बैंक खाताधारकों और एक मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ जवाहरनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता दिगंबर सोपानराव माने आदित्यनगर स्थित एस. डी. दवंडे इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में पिछले छह वर्षों से लेखापाल के रूप में कार्यरत हैं। कंपनी के दैनिक कामकाज और आर्थिक लेनदेन के लिए अलग-अलग व्हॉट्सऐप समूह बनाए गए हैं। इनमें कंपनी के आर्थिक लेनदेन से संबंधित एक समूह में संचालक संदेश संजय दवंडे और उनके सहयोगी जुड़े हुए हैं।
संदेश दवंडे काम के सिलसिले में बाहर जाते समय हस्ताक्षर किए हुए चेक, बैंक पर्चियां और आरटीजीएस प्रपत्र कार्यालय में छोड़कर जाते थे। इसी व्यवस्था और कंपनी के आर्थिक लेनदेन से संबंधित जानकारी का लाभ उठाते हुए जालसाजों ने लेखापाल को निशाना बनाया।
14 सितंबर की सुबह करीब 10.09 बजे माने के मोबाइल पर एक अज्ञात मोबाइल नंबर से व्हॉट्सऐप संदेश आया। इसमें कंपनी के सभी बैंक खातों में उपलब्ध राशि की जानकारी लेकर उसके स्क्रीनशॉट भेजने को कहा गया। माने ने संदेश को कंपनी संचालक की ओर से आया हुआ समझा और सुबह 10.23 बजे बैंक खातों के स्क्रीनशॉट भेज दिए।
स्क्रीनशॉट मिलने के बाद जालसाजों ने लखनऊ स्थित इंडसइंड बैंक के एसकेवाई पे प्राइवेट लिमिटेड के खाते में 1 करोड़ 50 लाख रुपये भेजने को कहा। माने ने बैंक में अवकाश होने की जानकारी दी। इस पर उन्हें तत्काल भुगतान नहीं करने और दूसरी पार्टी से पुष्टि करने की बात कही गई।
इस बातचीत के बाद भी जालसाज लगातार संपर्क में रहे। अगले दिन 15 सितंबर को उसी मोबाइल नंबर से फिर संदेश आया। इस बार लखनऊ स्थित इंडसइंड बैंक की अलिगंज शाखा में एसकेवाई पे प्राइवेट लिमिटेड के खाते में 1 करोड़ 70 लाख रुपये भेजने के निर्देश दिए गए।
व्हॉट्सऐप की प्रोफाइल तस्वीर में कंपनी संचालक संदेश दवंडे की बेटी का फोटो लगा हुआ था। इसी कारण माने को इस बात का संदेह नहीं हुआ कि संदेश किसी जालसाज की ओर से भेजा जा रहा है। उन्होंने कंपनी के बैंक ऑफ इंडिया के औरंगाबाद स्थित खाते से 1 करोड़ 70 लाख रुपये का आरटीजीएस कर दिया।
इसके बाद जालसाजों ने एक और बड़ा भुगतान करने के लिए कहा। इस बार पटना स्थित इंडसइंड बैंक की कंकरबाग शाखा में आरएमआरएस जन कल्याण हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के खाते में 2 करोड़ रुपये भेजने का निर्देश दिया गया। माने ने यह राशि भी आरटीजीएस के माध्यम से भेज दी।
लखनऊ और पटना के खातों में किए गए दोनों लेनदेन के माध्यम से कंपनी के खाते से कुल 3 करोड़ 70 लाख रुपये स्थानांतरित हो गए। इसके बाद जालसाजों ने माने से दो करोड़ रुपये और भेजने को कहा। इतनी बड़ी अतिरिक्त राशि की मांग होने पर माने को संदेह हुआ।
उन्होंने कंपनी संचालक संदेश दवंडे से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन तत्काल उनसे बात नहीं हो सकी। इसी बीच दोपहर करीब 3.37 बजे दवंडे ने स्वयं माने को फोन किया। उन्होंने बताया कि रकम भेजने के संबंध में उन्होंने कोई व्हॉट्सऐप मैसेज नहीं भेजा है। यह सुनते ही माने को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।
मामले का पता चलते ही माने ने संबंधित बैंक के अधिकारियों से संपर्क किया और आरटीजीएस लेनदेन रोकने का अनुरोध किया। बैंक की ओर से संबंधित बैंक को ई-मेल के माध्यम से जानकारी दी गई। इसके बाद माने ने छत्रपति संभाजीनगर साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जवाहरनगर पुलिस थाने में दो बैंक खाताधारकों और एक मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हॉट्सऐप संदेशों की जानकारी के आधार पर जांच कर रही है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन कुंभार के मार्गदर्शन में मामले की आगे की जांच जारी है।