

Redevelopment File Pending For 210 Days: पुरानी व जर्जर सोसायटियों के पुनर्विकास को लेकर राज्य सरकार द्वारा किए गए अनेक दावों के बावजूद प्रशासनिक लापरवाहियों के चलते काम लटके हुए हैं। ठाणे पूर्व के कोपरी स्थित सुनीता को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के पुनर्विकास का मामला एक बार फिर चर्चा में है।
सोसायटी की ओर से दावा किया गया है कि उनकी पुनर्विकास से संबंधित फाइल ठाणे मनपा में 210 से अधिक दिनों से लंबित है, जबकि आवश्यक शर्तें पूरी किए जाने के बावजूद अब तक Letter of Intent (LOI) जारी नहीं किया गया है।
सोसायटी की इमारत करीब 54 वर्ष पुरानी है और ठाणे महानगरपालिका ने इसे C-1/Dangerous श्रेणी में घोषित किया है। पुनर्विकास प्रक्रिया से 106 फ्लैट मालिक और उनके परिवार, यानी करीब 300 से 400 निवासी, सीधे प्रभावित बताए गए हैं। सोसायटी का कहना है कि लंबे समय से फाइल लंबित रहने के कारण प्रभावित परिवारों में असुरक्षा और चिंता बनी हुई है।
अपील में महाराष्ट्र सरकार के प्रशासनिक मानदंडों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सरकारी फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए और एक फाइल के सात दिन से अधिक लंबित रहने पर सवाल उठाया गया है।
सोसायटी ने UDCPR (Unified Development Control and Promotion Regulations) के प्रावधानों का हवाला देते हुए दावा किया है कि पुराने, जर्जर और खतरनाक भवनों के पुनर्विकास के लिए नियामकीय ढांचा उपलब्ध है। उसने ठाणे मनपा और नगर नियोजन विभाग से फाइल पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
इस मामले में सोसायटी की ओर से अधिवक्ता कांचन दीपक घनशानी द्वारा ठाणे मनपा आयुक्त को पत्र भी दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मामले में हस्तक्षेप की अपील की गई है। एड.कांचन दीपक घनशानी ने कहा कि
महाराष्ट्र सरकार ने सहकारी आवासीय सोसायटियों के पुनर्विकास में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया पर जोर देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं,परंतु उसका पालन होता नहीं दिख रहा है।