सूखे की मार से फसलें बर्बाद, सांसद कल्याण काले ने आडगांव बुद्रुक में खेतों का किया निरीक्षण

Marathwada Drought Relief: छत्रपति संभाजीनगर के आडगांव बुद्रुक में सूखे से बर्बाद फसलों का सांसद डॉ. कल्याण काले ने निरीक्षण किया और किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की।
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कल्याण काले (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Drought: छत्रपति संभाजीनगर तहसील में गंभीर सूखे की स्थिति के बीच जालना लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. कल्याण काले ने शनिवार को आडगांव बुद्रुक पहुंचकर खेतों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। लंबे समय से बारिश नहीं होने, कम वर्षा और तेज गर्मी के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूख गई हैं।

प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये सहायता की मांग

अनेक स्थानों पर फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सांसद काले ने प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की।

बारिश का लंबा अंतराल, खेतों में सूखी फसलें

निरीक्षण के दौरान डॉ. काले ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर और अपनी जमा पूंजी खर्च कर खेतों में बुआई की थी। बारिश में लंबे अंतराल के कारण फसलें सूख गईं। कई खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। इससे किसानों के सामने कर्ज चुकाने और परिवार का भरण-पोषण करने का संकट खड़ा हो गया है।

डॉ. काले ने गांव में पेयजल, पशुओं के चारे, फसलों तथा जलस्रोतों की स्थिति की जानकारी ली। अनेक कुएं, नलकूप और स्थानीय जलस्रोत सूखने लगे हैं। आगामी दिनों में पानी की कमी और गंभीर होने की आशंका उन्होंने व्यक्त की।

तहसीलदार को सौंपा मांगपत्र, तत्काल राहत की मांग

निरीक्षण के बाद तहसीलदार शिवानंद बिडवे को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। इसमें छत्रपति संभाजीनगर जिले सहित पूरे मराठवाड़ा में तत्काल सूखा घोषित करने, किसानों को आर्थिक सहायता देने और जल तथा पशु चारे की व्यवस्था करने की मांग की गई।

डॉ. काले ने कहा कि चालू वर्ष का फसल ऋण पूरी तरह माफ किया जाए तथा पूर्व की ऋणमाफी से वंचित किसानों को भी उसका लाभ दिया जाए। फसल नुकसान से प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये की सहायता दी जाए। फसल नुकसान का आकलन तत्काल पूरा कर बिना विलंब सहायता उपलब्ध कराई जाए।

पानी और चारे की व्यवस्था को प्राथमिकता

पानी की कमी वाले गांवों में तत्काल टैंकर शुरू करने तथा आगामी जलसंकट से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार करने की मांग की गई। सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा केंद्र शुरू कर पर्याप्त चारा और पानी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि पेयजल और पशुओं के पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कुओं, नलकूपों और अन्य जलस्रोतों का उचित नियोजन कर उपलब्ध पानी का संरक्षण किया जाए। खेत मजदूरों के लिए भी रोजगार के काम तत्काल शुरू किए जाएं, ताकि फसल नष्ट होने के बाद उनके सामने रोजी-रोटी का संकट न खड़ा हो।

फसल बीमा की राशि शीघ्र देने की मांग

किसानों को फसल बीमा की राशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग करते हुए डॉ. काले ने कहा कि फसल नुकसान का आकलन केवल फसल कटाई के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। वास्तविक फसल नुकसान, बारिश में आया लंबा अंतराल, क्षेत्र में हुई वर्षा और उत्पादन में आई कमी को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उन्होंने फसल बीमा से जुड़ी तकनीकी परेशानियां दूर कर किसानों के लिए सरल व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही रबी मौसम के लिए बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री का पर्याप्त भंडार उपलब्ध रखने को कहा।

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कर्ज वसूली रोकने और बिजली में राहत की मांग

सूखा प्रभावित किसानों को बिजली बिल में राहत देने तथा कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति नियमित रखने की मांग की गई। फसल नष्ट होने वाले किसानों से कर्ज की जबरन वसूली रोकने और उन्हें कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त समय देने की मांग भी रखी गई। भूमि कर और अन्य सरकारी देनदारियों में सूखा राहत लागू करने की मांग की गई।

इसके अलावा किसानों के बच्चों को शिक्षा शुल्क में राहत देने तथा सूखा प्रभावित खेत मजदूरों के लिए रोजगार और आजीविका के विशेष उपाय करने की मांग की गई। जिला स्तर पर सूखा नियंत्रण कक्ष शुरू कर पानी, चारा, फसल बीमा, फसल नुकसान और रोजगार से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान करने की मांग भी की गई।

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कागजी आंकड़ों के बजाय खेतों की स्थिति देखें

डॉ. काले ने कहा कि सूखे का आकलन केवल कागजी आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। शासन को किसानों के खेतों तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए। किसानों की फसल नष्ट हो चुकी है और वे गंभीर आर्थिक संकट में हैं। इसलिए राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष किरण पाटील डोणगांवकर, जगन्नाथ काले, तहसील कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमंत उकिर्डे, कार्याध्यक्ष विनोद देहाडे, शिवसेना तहसील प्रमुख शंकर ठोंबरे, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष संदीप बोरसे, कोषाध्यक्ष अशोक नाबदे, सुधीर मुले, जगदीश डवले, राहुल सावंत, तहसील कांग्रेस अन्य पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अध्यक्ष सावता गाडेकर, कल्याण चव्हाण, शिवाजी ढाकणे और ज्ञानेश्वर पठाडे सहित बड़ी संख्या में किसान, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। राजस्व, कृषि और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

डॉ. काले ने कहा कि यदि सरकार ने सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल राहत देने का निर्णय नहीं लिया, तो किसानों की मांगों को लेकर कांग्रेस की ओर से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार को बिना विलंब किसानों की सहायता करनी चाहिए।

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