Worker Electrocuted ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Municipal Worker Electrocuted: छत्रपति संभाजीनगर शहर के मुकुंदवाड़ी क्षेत्र में अवैध शुभकामना बैनर हटाते समय बिजली का करंट लगने से मनपा कर्मचारी अमोल जाधव की मौत के बाद पुलिस जांच अब आगे बढ़ रही है।
संबंधित बैनर किस प्रिंटिंग एजेंसी ने तैयार किया था, इसका पता लगाने के लिए विभिन्न प्रिंटिंग प्रतिष्ठानों से सघन पूछताछ की जा रही है। मुकंदवाड़ी स्थित हनुमान मंदिर क्षेत्र में लगे अवैध बैनर को हटाने का काम 21 फरवरी की सुबह 9:30 बजे जारी था।
इसी दौरान बैनर विद्युत तारों के संपर्क में आने से मनपा कर्मी अमोल जाधव को तेज बिजली का झटका लगा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। उनके साथ मौजूद कर्मचारी रवींद्र रिडलॉन घायल हो गए, जिनका निजी अस्पताल में उपचार जारी है।
प्रकरण में संबंधित अधिकारियों, पर्यवेक्षक शिवशाम काले व बैनर लगाने से जुड़े लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जांच का जिम्मा पुलिस उपनिरीक्षक सचिन वायाल को सौंपा गया है।
घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने रविवार, 22 फरवरी को क्षेत्र में स्थित कई प्रिंटिंग एजेंसियों की जांच की। इसी क्रम में मुकुंदवाड़ी के एक प्रिंटर चालक से पूछताछ की गई।
हालांकि, उसने अपनी प्रिटिंग में संबंधित बैनर के छपवाने से इनकार कर दिया। पुलिस अन्य संभावित प्रिंटिंग एजेंसियों व शिकायत में नामित व्यक्तियों से भी विस्तृत पूछताछ कर रही है।
मुकुंदवाडी गांव में अवैध बैनर निकालते समय विद्युत तार का करंट लगने से शनिवार को मनपा सफाई कामगार अमोल दिनकर जाधव (29) की मौत हुई थी। जालना के कांग्रेस सांसद डॉ. कल्याण काले ने रविवार, 22 फरवरी को जाधव के मुकुंदवाडी स्थित संजय नगर निवास पर भेट देकर परिवार को सात्वना दी।
मनपा आयुक्त जी. श्रीकांत से दूरभाष पर चर्चा कर उन्होंने घटना के दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने, मृतक के परिवार को पर्याप्त आर्थिक मदद करने अमोल की फनी को मनपा में नौकरी देने की मांग की।
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इस पर पूर्व नगरसेवक भाऊसाहेब जगताप, बालूलाल गुजर, अशोक डोलस, सोपान मगरे, पष्णू दुबे, विश्वंभर भालेराव, बाबासाहेब बीरचटे, रोहिदास जाधव, भैया येवले, कांता रणभरे, गोरख शिंदे आदि उपस्थित थे।
घटना के बाद शहर में अवैध बैनर लगाने की बढ़ती प्रवृत्ति व सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर प्रश्न उठे है। बैनर हटाने के दौरान सुरक्षा उपाय कितने प्रभावी है। अवैध बैनर लगाने व छापने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो रही है या नहीं इस पर प्रशासन की जवाबदेही को लेकर बर्चा तेज हो गई है।