Nashik Municipal Nomination Dispute ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Corporation: नासिक महानगरपालिका में स्वीकृत पार्षदों की नियुक्ति को लेकर मित्र दलों के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। रिक्त 2 सीटों के लिए कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के बीच जोरदार खींचतान शुरू होने को जानकारी सामने आ रही है।
वर्तमान में मनपा में ठाकरे सेना के पास 15 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास केवल 3 पार्षद हैं। संख्या बल के हिसाब से पलड़ा ठाकरे गुट का भारी है, लेकिन कांग्रेस का तर्क है कि गठबंधन में होने के नाते एक सीट पर उनका हक बनता है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक पहुँचाया है और जल्द ही इस पर निर्णय होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शहर अध्यक्ष आकाश छाजेड ने बताया कि चूंकि नगर निगम में दोनों दल साथ हैं, इसलिए कांग्रेस की भूमिका एक सीट पाने की है। कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के बजाय संगठन को मजबूती देने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं को स्वीकृत पार्षद पद देने पर विचार किया जा रहा है।
शिवसेना (ठाकरे गुट): 15 पार्षद (शक्तिशाली दावेदार)।
कांग्रेसः 03 पार्षद (एक सीट की मांग)।
कुल रिक्त सीटेंः 02 (स्वीकृत पार्षद पद)।
अन्य समीकरणः मनसे और शिंदे गुट की बढ़ती भागीदारी ने चुनौती बढ़ाई।
नासिक मनपा का चुनाव कांग्रेस, राकांपा (शरद पवार गुट) और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने मिलकर लड़ा था। अब नियुक्तियों के समय कांग्रेस का अड़ियल रुख ठाकरे गुट के लिए सिरदर्द बन गया है।
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संभावना जताई जा रही है कि अगले 2 से 3 दिनों में कांग्रेस अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर देगी, जिससे यह विवाद और बढ़ सकता है।