वेकोलि चंद्रपुर में भ्रष्टाचार व तानाशाही के खिलाफ इंटक का मौन प्रदर्शन, कार्रवाई न होने पर आंदोलन चेतावनी
Chandrapur Protest News: वेकोलि चंद्रपुर में भ्रष्टाचार और श्रमिक अन्याय के खिलाफ इंटक ने महाप्रबंधक कार्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। मांगें पूरी न होने पर संगठन ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
- Written By: रूपम सिंह
चंद्रपुर के. के. सिंह (सोर्स: नवभारत)
Chandrapur Coal Mine Corruption News: वेकोलि चंद्रपुर क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार, श्रमिकों पर अन्याय, सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और प्रशासन की मनमानी के खिलाफ इंटक संगठन द्वारा सोमवार (21 अप्रैल) को महाकाली कोलियरी स्थित क्षेत्रीय महाप्रबंधक कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया। इससे पहले 17 अप्रैल को महाप्रबंधक को ज्ञापन देकर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।
संगठन ने इस आंदोलन के माध्यम से 9 प्रमुख मुद्दों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इनमें क्षेत्र में चोरी को बढ़ावा देने के आरोप, असुरक्षित तरीके से खदान संचालन, दुर्घटनाग्रस्त श्रमिकों का शोषण, कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार, सुरक्षा व स्थानांतरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन,
चंद्रपुर जिले में बढ़ता वायु और जल प्रदूषण, प्रशिक्षणार्थियों से नियमविरुद्ध कार्य कराना, भर्ती प्रक्रिया में देरी कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना तथा कुछ कर्मचारियों को बिना काम वेतन दिए जाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इस आंदोलन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ सीमित संख्या में स्थायी कर्मचारी शामिल हुए।
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कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
संगठन का आरोप है कि पूर्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सदस्यों पर कार्रवाई की गई। कुछ कर्मचारियों का महाराष्ट्र के बाहर स्थानांतरण किया गया, जबकि 10 से अधिक कर्मचारियों को निलंबित किया गया। इसी कारण स्थायी कर्मचारियों की भागीदारी सीमित रही।
दो घंटे तक चला यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। बिना किसी नारेबाजी या भाषण के प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन का नेतृत्व के। के। सिंह, शेख यूनुस, चंद्रमा यादव, रवि धात्रक, नरसिंह कुंबाला और पी।एच। मोगरे ने किया। सभी आंदोलनकारी स्थल पर बैठकर विरोध जताते रहे।
