Chandrapur Politics: गुटबाजी से त्रस्त वारजुकर बंधु भाजपा में शामिल, कांग्रेस को बड़ा झटका
Warjukar Joins BJP: चंद्रपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अविनाश और सतीश वारजुकर ने गुटबाजी से परेशान होकर भाजपा का दामन थाम लिया, जिससे जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Congress factionalism (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrapur Congress Setback: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के महासचिव एवं पूर्व विधायक अविनाश वारजुकर तथा जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष सतीश वारजुकर ने अंततः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया। मुंबई में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के हाथों दोनों वारजुकर बंधुओं ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर चिमूर क्षेत्र के विधायक बंटी भांगड़िया और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष रविंद्र शिंदे भी उपस्थित थे।
इससे पहले अविनाश और सतीश वारजुकर ने गुरुवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अपने इस्तीफे में उन्होंने चंद्रपुर जिले में कांग्रेस के दो नेताओं के बीच चल रहे अंतर्कलह और उससे उत्पन्न गुटबाजी से परेशान होकर पार्टी छोड़ने की बात कही।
आपसी कलह जिम्मेदार
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के कारण ही सतीश वारजुकर चिमूर विधानसभा क्षेत्र से पराजित हुए। इसी गुटबाजी के चलते जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक चुनाव में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में चंद्रपुर मनपा में बहुमत के करीब सीटें होने के बावजूद कांग्रेस सत्ता से दूर रही, जिसके लिए उन्होंने आपसी कलह को जिम्मेदार ठहराया।
सम्बंधित ख़बरें
परिसीमन के बाद दक्षिण भारत की सीटें घटेंगी नहीं बल्कि बढ़ेंगी…लोकसभा में अमित शाह ने समझाया पूरा गणित
173 साल की हुई भारतीय रेल, रेलमंत्री ने शेयर की पहले रेल ब्रिज की तस्वीर, ठाणे में मना जश्न
ठाणे में CREDAI-MCHI की प्रॉपर्टी एग्ज़िबिशन का आगाज़, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे करेंगे उद्घाटन
राज्य सरकार का बड़ा फैसला: संभाजीनगर के नए विभागीय आयुक्त बने जी. श्रीकांत
गौरतलब है कि दोनों वारजुकर भाइयों ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर भाजपा में प्रवेश की अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी थी। उनके भाजपा में शामिल होने से जिले में कांग्रेस को बड़ा झटका माना जा रहा है।
चिमूर विधानसभा क्षेत्र में रहा दबदबा
उल्लेखनीय है कि अविनाश वारजुकर वर्ष 1999 में चिमूर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे। वहीं उनके भाई सतीश वारजुकर जिला परिषद अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्होंने 2014, 2019 तथा 2024 में कांग्रेस की ओर से चिमूर से चुनाव लड़ा, लेकिन हर बार मामूली अंतर से हार गए।
ये भी पढ़े: बिना पर्ची और फार्मासिस्ट के चल रहे थे मेडिकल स्टोर, चंद्रपुर FDA ने 6 दुकानों पर जड़ा ताला, लाइसेंस किए रद्द
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
वारजुकर बंधुओं के भाजपा प्रवेश से जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में चंद्रपुर सीट से भाजपा बंटी भांगड़िया को मैदान में उतार सकती है, जबकि चिमूर विधानसभा सीट से सतीश वारजुकर को टिकट दिया जा सकता है। हालांकि कुछ राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को वारजुकर के लिए जोखिम भरा भी बता रहे हैं।
सतीश वारजुकर के प्रवेश की पृष्ठभूमि
चिमूर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस टिकट पर लगातार तीन बार चुनाव लड़ने वाले सतीश वारजुकर ने हाल ही में मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर भाजपा में शामिल होने की मंशा जताई थी। उस समय उनके साथ अविनाश वारजुकर, विधायक बंटी भांगड़िया, विलास विखार और आवेश खान पठान मौजूद थे। अब उनके औपचारिक प्रवेश के साथ ही जिले की राजनीति में नई हलचल देखी जा रही है।
