चंद्रपुर: बाघ के हमले में 4 महिलाओं की मौत पर फूटा गुस्सा, वन अधिकारियों पर मनुष्यवध का केस दर्ज करने की मांग

Chandrapur Forest Department: चंद्रपुर के सिंदेवाही में बाघ के हमले में 4 महिलाओं की मौत के बाद सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अभिलाषा गावतुरे ने वन अधिकारियों पर मनुष्यवध का मामला दर्ज करने की मांग की।
Following the tragic death of four women in a tiger attack at Chandrapur's Sindewahi forest, activist Dr. Abhilasha Gavture demands a homicide case against forest staff.
बाघ के हमले (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Chandrapur Tiger Attack: सिंदेवाही तहसील के गुंजेवाही परिसर में शुक्रवार को हुए बाघ के हमले में चार महिलाओं की मौत हो गई थी। यह सभी महिलाएं माली समाज की थी। तेंदूपत्ता संकलन के लिए जंगल में जाने के बाद बाघ ने उनपर हमला कर दिया था। इस घटना की जानकारी मिलते ही भूमिपुत्र ब्रिगेड की नेता व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अभिलाषा गावतुरे ने गुंजेवाही पहुंचकर पीडित परिवारों से भेंट की और उनको सांत्वना दी। इस बीच उन्होने इस हमले में जखमी महिलाओं से भी बातचीत की। इस समय उन्होने वनविभाग की कार्यप्रणाली पर तीव्र नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों पर मनुष्यवध का अपराध दर्ज करने की मांग की।

वन विभाग नाकारा

डॉ. गावतुरे ने कहा कि चंद्रपुर जिले में बाघों में हमलों में निरंतर वृध्दि हो रही है। ऐसे में वनविभाग की ओर से असरदार प्रतिबंधात्मक उपाययोजना नहीं की गई है। अनेक बार सूचना देकर भी अनदेखी की गई। नतीजा मासूम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। ग्रामीण भागों के लोगों की जान इतनी सस्ती हुई है क्या? ऐसा सीधा सवाल भी उन्होने पूछा।इस समय उन्होने मुख्य वनसंरक्षक के नाम से प्रतीकात्मक स्वरूप में 25 लाख रुपयों का धनादेश बना कर विरोध प्रदर्शन किया। यदि सरकार की दृष्टि से ग्रामीण गरीब, किसान और मजदूरों के जान की कीमत 25 लाख रुपये है, तो अधिकारियों के जान की भी कीमत उतनी ही होनी चाहिए, ऐसा उन्होने कहा। घटना के बाद डॉ. गावतुरे ने ग्रामीणों के साथ सिंदेवाही पुलिस थाना पर दस्तक दी। यहीं नहीं वनविभाग के अधिकारियों के खिलाफ मनुष्यवध का अपराध दर्ज करने की मांग की। वनविभाग की लापरवाही से ही घटना होने का आरोप लगाया।

जागा वनविभाग, दिया बाघ को पकड़ने का प्रस्ताव

चंद्रपुर शहर में शुक्रवार को सिंदेवाही जंगल इलाके में संदिग्ध बाघ के हमले में चार महिलाओं की मौत के बाद, वनविभाग ने उस बाघ को पकड़ने का काम शुरू कर दिया है। इस बीच, यह पता लगाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है कि हमला नर बाघ ने किया था या शावकों के साथ घूम रही बाधिन ने। सीसीएफ आर। एम। रामानुजम ने शनिवार को कहा कि नियमों के मुताबिक मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत बाघ को पकड़ने का प्रस्ताव वरिष्ठ स्तर पर भेजा गया है। ताडोबा से एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम वेटरनरी एक्सपर्ट डॉ. रविकांत खोबरागड़े के नेतृत्व में सिंदेवाही पहुंच गई है और पिंजरे लगाने, चारा डालने की जगह तय करने और मचान बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

30 ट्रैप कैमरे, 3 लाईव कैमरे

वन विभाग ने मौके पर तीन लाइव कैमरे और करीब 30 कैमरा ट्रैप लगाए हैं। हमले के लिए जिम्मेदार बाघ की पहचान करने के लिए इस माध्यम से उसकी हरकतों पर नजर रखी जा रही है। रामानुजम ने कहा, "इलाके में एक नर बाघ और एक बाघिन अपने शावकों के साथ हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किस बाघ ने हमला किया?

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