बागलाण तहसील में पेट्रोल-डीजल की किल्लत से खेती के काम ठप, भ्रामक बयानों पर भड़के किसान संगठन

Baglan Fuel Crisis: बागलाण तहसील में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत से कृषि यंत्रों के पहिए थमे; किसान संगठन के नेता संजय वाघ ने मंत्रियों के भ्रामक बयानों पर नाराजगी जताते हुए घेरा।
Agriculture halts in Satana's Baglan taluka due to a severe petrol and diesel shortage; farmer leader Sanjay Wagh slams ministers for misleading statements.
पेट्रोल-डीजल की किल्लत (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Baglan Petrol Diesel Shortage Crisis: बागलाण तहसील के किसान इन दिनों पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत के कारण बड़े आर्थिक संकट में घिर गए हैं। शहर सहित ग्रामीण इलाकों के पेट्रोल पंप पूरी तरह से सूख चुके हैं, जिसके कारण खेती के लिए आवश्यक कृषि यंत्रों और मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसके परिणामस्वरूप खेतों में कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है। तहसील के किसान पिछले कुछ दिनों से कड़ाके की धूप में पेट्रोल और डीजल की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में किसानों ने ट्रैक्टर सहित डीजल से चलने वाले आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाकर पारंपरिक औजारों का उपयोग कम कर दिया था। परंतु, बेमौसम बारिश और प्याज के दामों में आई भारी गिरावट के कारण पहले से ही आर्थिक नुकसान झेल रहे किसानों के सामने अब  पेट्रोल-डीजल की इस नई समस्या ने संकट को और बढ़ा दिया है। किसान संगठनों के अनुसार यदि स्थिति जल्द ही सामान्य नहीं हुई, तो खरीफ सीजन के अंत में खेतों में कोई भी काम शुरू रख पाना असंभव हो जाएगा।

मंत्री वास्तविक स्थिति का पता लगाकर दें बयान

इसका सीधा असर किसानों के घरेलू बजट, बच्चों की शिक्षा, शादी-विवाह और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, सरकार के कुछ मंत्रियों ने दावा किया है कि राज्य में पेट्रोल-डीजल की कोई किल्लत नहीं है। हालांकि, किसानों का कहना है कि उनके दैनिक कामकाज पर इस कमी का सीधा असर पड़ रहा हैं, और मंत्रियों के ऐसे भ्रामक बयानों से उनका अपमान हो रहा है।

किसान संगठन के नेता संजय वाघ शिरसमणीकर ने सरकार कहा है कि मंत्रियों को अपने वातानुकूलित बंगलों में बैठकर बयानबाजी करने के बजाय, वीडियो कॉल के माध्यम से स्थानीय अधिकारियों या अपने कार्यकर्ताओं से ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों की वास्तविक स्थिति को समझना चाहिए।

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