बारिश रूकी पर बाढ ने घेरा; वर्धा नदी उफान पर, कई ग्रामों से संपर्क टूटा, मकान जलमग्न; सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे लोग
- Written By: नवभारत डेस्क
चंद्रपुर. पिछले दो दिनों से बारिश का कहर थमने से जहां एक ओर जिले के नागरिकों ने राहत की सांस ली वहीं जलाशयों के ओवरफ्लो होकर बहने से उसे जुडी नदियों में बाढ आ गई है. अप्पर वर्धा बांध का पानी छोडे जाने से वर्धा समेत उसकी सहायत नदियों इरई, झरपट में बाढ आ गई है. इन नदियों के किनारे बसे बस्तियां आज जलमग्न हो गई.
बाढ का असर चंद्रपुर के दाताला पुल से लेकर पठानपुरा तक नदी किनारे बसे सहारा कालोनी, राजनगर, रहेमतनगर, विठ्ठल मंदिर वार्ड आदि क्षेत्रों में हुआ. वहीं विसापुर के नदी किनारे के गांव, नांदगांव बल्लारपुर के किले के सटी बस्ती एरिया से लेकर राजुरा के नदी के किनारे के ग्रामों में बाढ का असर देखने को मिला. जिसके चलते आज रविवार को यहां रहनेवाले नागरिकों ने बाढ की विभीषिका को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर पलायन किया. बाढ के कारण नदी किनारे के घरों, श्मशान पानी में डूबे हुए नजर आ रहे है. बल्लारपुर-राजुरा मार्ग, घुग्घुस से भोयेगांव होकर गडचांदूर जानेवाला मार्ग बंद है.
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इरई बांध का देर शाम तक लेवल 205.825 मीटर था. बांध में 63.10 प्रश जलभंडार है. फिलहाल इरई के सभी दरवाजे बंद है. फिर भी सीटीपीएस प्रबंधन ने शनिवार की दोपहर को ही इरई नदी से सटे क्षेत्रों में अलर्ट कर दिया था. रात में कई नदी के किनारे के मकान मालिकों ने अपना कीमती सामान, घरेलू सामान सुरक्षित रखकर घरों से पलायन शुरू कर दिया था.
आज सुबह में रहेमतनगर तक बाढ का पानी आने से सिस्टर कालोनी, रहेमतनगर, बिलाल कालोनी के लोगों ने भी पलायन करना शुरू कर दिया. जो लोग बाढ के कारण फंस गए थे उन्हें प्रशासन के आपदा प्रबंधन के टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. दोपहर तक नदी किनारे के कच्चे और पक्के मकान बाढ के पानी में डूबे हुए थे. समय रहते अलर्ट होने के कारण किसी तरह की जीवहानि नहीं हुई. बारंबार बाढ का सामना करने के कारण क्षेत्र के नागरिक बाढ की स्थिति में अपने आप को सुरक्षित करने में माहिर हो चुके है.
शहर में एक बार फिर हर वर्ष निर्माण होनेवाली बाढ की भयावह तस्वीर नजर आ रही थी. बिनबा गेट से होकर चोराला मार्ग पर शांतिधाम श्मशान बाढ में आधा डूबा था. पानी बिनबा गेट तक पहुंच रहा था. यही स्थित पठानपुरा गेट के बाहर झरपट के उफान पर होने से नजर आयी. यहां परकोटे के बाहर बसी कालोनियां, कब्रस्थान, ईदगाह पानी में डूबे हुए थे.
बल्लारपुर शहर सहित तहसील में वर्धा नदी का रौद्ररूप
बल्लारपुर शहर के पूर्व की ओर बहनेवाली वर्धा नदी का जलस्तर तेजी से बढने लगा है. इसके परिणाम स्वरूप बल्लारपुर-आसिफाबाद राष्ट्रीय महामार्ग 930 डी पर राजुरा पुल से पानी बह रहा है. शनिवार की देर रात वाहनों की कतारें लग गई. बल्लारपुर पुलिस ने बंदोबस्त लगाया है.
देर रात तेलंगाना से आनेवाले वाहन सास्ती, बल्लारपुर वेकोलि परिसर मार्ग से भेजे जा रहे थे मात्र वर्धा नदी का जलस्तर तेजी से बढने से रविवार की सुबह दस बजे यह बंद कर दिया गया. साथ ही दोपहर बारह बजे के बीच बल्लारपुर-चंद्रपुर मार्ग विसापुर, नांदगांव रास्ता पानी आने से बंद हुआ. बल्लारपुर पुलिस ने बल्लारपुर-विसापुर रास्ते पर पुलिस बंदोबस्त तैनात किया है.
नगर परिष्ज्ञद बल्लारपुर ने वर्धा नदी के किनारे रहनेवाले नागरिकों को सुरक्षित स्थलों पर जाने के लिए सूचना दी है. साथ ही उनके लिए जनता स्कूल सिटी ब्रांच में रहने और भोजन की व्यवस्था नगर परिषद बल्लारपुर की ओर से की गई है. शहर के बस्ती विभाग की ओर जाने वाले कालरी रोड स्थित गोल पुलिया में वर्धा नदी का। बैक वाटर आने से शहर के टेकडी व डेपो विभाग से संपर्क टूट गया है.
बाढ के कारण कई मार्ग बंद
जिले में पिछले चार-पांच दिनों से मूसलधार बारिश के कारण वर्धा नदी के राजुरा नदी के राजुरा पुल से पानी बह रहा है. राजुरा, बामणी, बल्लारपुर, धोपटाला, सास्ती, बल्लारपुर मार्ग बंद कर दिया गया है. इस मार्ग पर राजुरा पुलिस ने बैरिकैटस लगाकर मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है. नागरिकों एवं ट्रान्सपोर्टरों को सतर्क करने का आहवान पुलिस प्रशासन ने किया है.
वर्धा नदी के प्रवाह में बडे पैमाने पर वृध्दि होने स राजुरा पुल बाढ में डूबा हुआ है. वर्धा नदी के तटवर्ती क्षेत्र के सैकडों हेक्टेयर खेत पानी में डूबे हुए जिससे किसानों की फसल का बडे पैमाने पर नुकसान हुआ है. राजुरा तहसील का चंद्रपुर मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. इसके चलते इस मार्ग पर वाहनेां की लम्बी कतारें लगी हुई है. वर्धा नदी के पुल पर यातायात पुलिस तैनात कर दी गई है.
राजुरा-बल्लारपुर मार्ग बंद है इस मार्ग से आवाज करनेवाले किसानों, अन्य लोगों को काफी परेशानी उठानी पड रही है. नये पुल की मांग इससे पूर्व छावा फाऊंडेशन के माध्यम से पालकमंत्री सुधीर मुनगंटीवार से की थी उन्होने आश्वासन भी दिया था. परंतु इस पर अमल नहीं हो पाया है. इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है.
धानोरा-भोयेगांव मार्ग बंद
घुग्घुस-गडचांदूर की ओर जानेवाला वर्धा नदी पर बने धानोरा-भोयेगांव पुल पर छह फुट से अधिक पानी बहने से पुल से वाहनों का परिवहन ठप हो गया. पुल के दोनों छोर पर वाहनों की कतारें लगी थी. घुग्घुस के थानेदार आसिफ रजा ने इस छोर पर पुलिस तैनात कर दी है. पुल पर निगरानी रखी जारही है.
