सिंदेवाही-लोनवाही नगर पंचायत में अध्यक्ष पद आरक्षित, लॉटरी के नतीजे से सियासी गलियारों में हलचल
Chandrapur News: सिंदेवाही-लोनवाही नगर पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए तय हुआ है। राजनीतिक दल उम्मीदवार की तलाश में जुट गए हैं। साथ ही सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई।
- Written By: आकाश मसने
सिंदेवाही-लोनवाही नगर पंचायत (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sindevahi Lonvahi Nagar Panchayat Reservation: चंद्रपुर जिले की सिंदेवाही-लोनवाही नगर पंचायत के आगामी चुनावों से पहले सोमवार 6 अक्टूबर 2025 को अध्यक्ष पद के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। इस लॉटरी के नतीजे ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। लॉटरी के मुताबिक नगर पंचायत के अध्यक्ष का पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है।
स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अध्यक्ष पद के आरक्षण को लेकर सिंदेवाही-लोनवाही क्षेत्र में लंबे समय से उत्सुकता थी। लॉटरी निकलने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अगला नगर अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति वर्ग से ही होगा।
इस आरक्षण के कारण स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे अब तक जो अन्य प्रमुख दावेदार (सामान्य, ओबीसी या एससी वर्ग से) अध्यक्ष पद की तैयारी कर रहे थे, वे इस दौड़ से बाहर हो गए हैं। अब सभी राजनीतिक दलों को सक्षम और प्रभावी अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवार की तलाश करनी होगी।
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चुनावी रणनीति में होगा बदलाव
बीजेपी, कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना जैसे सभी दलों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी और एसटी समुदाय के बीच प्रभाव रखने वाले नेताओं को अपनी ओर आकर्षित करना होगा। यह आरक्षण अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए एक बड़ा अवसर है, जहां से एक नया और सशक्त स्थानीय नेतृत्व उभरकर सामने आ सकता है।
अब देखना यह है कि कौन सा राजनीतिक दल अनुसूचित जनजाति वर्ग से सबसे मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतारकर विजय हासिल करता है।
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सभी पार्टियां अब स्थानीय आदिवासी सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रमुखों से मुलाकात करेंगी और उनका समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगी, क्योंकि ये संगठन समुदाय के वोटों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस आरक्षण ने सभी राजनीतिक दलों को नए सिरे से मंथन करने पर मजबूर कर दिया है और सिंदेवाही-लोनवाही में अब एसटी उम्मीदवार की तलाश ही चुनावी रणनीति का केंद्र बिंदू बन गई है।
