उपविभागिय अधिकारी कार्यालय में अहम बैठक (सौजन्य-नवभारत)
Pratibha Dhanorkar MP Chandrapur: चंद्रपुर जिले की वरोरा तहसील के कोंढाला-येंसा के लोगों की लंबित मांगों और ‘श्री सीमेंट’ कंपनी से जुड़ी दिक्कतों को हल करने के लिए शनिवार को कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर की अध्यक्षता में वरोरा के उपविभागिय अधिकारी कार्यालय में अहम बैठक हुई।
इस बैठक में सांसद ने प्रशासन को ग्राम पंचायत के नियमों को नज़रअंदाज़ कर कंपनी को गैर-कानूनी तरीके से दिया गया 50 साल का ‘अनापत्ति प्रमाणपत्र’ तुरंत रद्द करने का निर्देश दिया। सांसद प्रतिभा धानोरकर ने अधिकारियों को फटकारते हुए कहा कि लोकतंत्र में ग्राम सभा के अधिकार सबसे ऊपर हैं और प्रशासन के लिए ग्राम सभा के फैसलों का सम्मान करना ज़रूरी है।
बैठक में मुख्य रूप से कोंढाला गांव के नियमों के मुताबिक पूरी तरह से पुनर्वास और स्थानीय सुशिक्षित युवाओं को नौकरी देने का मुद्दा उठाया गया। सांसद धानोरकर ने कड़ा रुख अपनाया कि कंपनी के लिए बाहरी कामगारों के बजाय स्थानियों को नौकरियों में प्राथमिकता देना ज़रूरी है और पुनर्वास प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी होनी चाहिए।
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प्रशासन को तुरंत दखल देकर कंपनी प्रबंधन द्वारा बेगुनाह गांववालों पर बदले की भावना से दर्ज किए गए झूठे केस वापस लेने चाहिए, जो अपने हक के लिए लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध कर रहे थे।इस समय अधिकारियों को पूरे मामले की पारदर्शी जांच करने और प्रभावित गांववालों को न्याय दिलाने के लिए तुरंत कानूनी कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया गया।
इस समय यह चेतावनी भी दी गई कि अगर प्रशासन ने नागरिकों की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा तो वे कड़ा आंदोलन करेंगे। इस समय एसडीओ संदीप मस्के, तहसीलदार कौटकर, सहायक पुलिस निरिक्षक भस्मे व नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।