चंद्रपुर बिजली संविदा कामगारों को बड़ी राहत, बोनस-अवकाश वेतन बहाल; सरकार ने वापस लिया पुराना निर्णय
Maharashtra Power Contract Workers: बिजली संविदा कामगारों को बड़ी राहत। बोनस और अवकाश वेतन मासिक वेतन में फिर शामिल करने के फैसले से महावितरण, महापारेषण और महानिर्मिति कर्मियों को फायदा होगा।
- Written By: अंकिता पटेल
बिजली संविदा कामगार राहत,(प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrapur Mahavitaran Workers Benefit: चंद्रपुर महाराष्ट्र वितरण कंपनी ने बिजली संविदा कामगारों को पहले की तरह हर महीने बोनस और अवकाश वेतन देने का अध्यादेश निर्णय वापस ले लिया है। यह राज्य में महावितरण, महापारेषण और महानिर्मिति में बिजली संविदा कामगारों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत है।
महाराष्ट्र इलेट्रिसिटी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने इस फैसले का स्वागत किया है। महावितरण के औद्योगिक समन्वय विभाग द्वारा 21 अप्रैल, 2026 को जारी अध्यादेश के अनुसार, नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक के समय के लिए बोनस और अवकाश वेतन देने का तरीका अक्टूबर 2026 महीने में लागू किया गया था।
हालांकि, एम्प्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ESIC) और सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के तहत तय वेतन मर्यादा राशि की परिभाषा में बदलाव के कारण, अब बिजली संविदा कामगारों के मासिक वेतन में फिर से
बोनस और अवकाश वेतन शामिल करने का फैसला किया गया है।
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बकाया रकम ठेका कामगारों को कर दी जाएगी वापस
भारतीय मजदूर संघ महाराष्ट्र प्रदेश और महाराष्ट्र इलेट्रिसिटी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने प्रशासन, केंद्र सरकार, राज्य सरकार और ESI से इसको मांग की थी। नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक के समय का बकाया बोनस और लीव पे मई 2026 के वेतन में जोड़ने को मंजूरी मिल गई है।
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इसलिए, कई महीनों से काटी गई बकाया रकम सभी बिजली ठेका कामगारों को वापस कर दी जाएगी। संगठन के महासचिव सचिन मंगले ने बताया कि यूनियन के सपोर्ट और लगातार संघर्ष की वजह से प्रशासन ने सकारात्मक फ़ैसला लिया है। इस बैठक में चंद्रपुर जिलाध्यक्ष के साथ सागर पवार, उमेश अनेराव, राहुल बोडके, अरुण पियाल और प्रशांत भाम्बुडेंकर मौजूद थे।
