चंद्रपुर LPG गैस की किल्लत (सौजन्य-सोशल मीडिया)
War Impact Chandrapur News: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 2 सप्ताह से चल रहे युद्ध के चलते एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से देश के विभिन्न राज्यों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर असर हुआ है जिसकी वजह से जिले के सैकड़ों होटल, रेस्टोरेंट तथा छोटे भोजनालय का कारोबार संकट में आ गया है ।
यही स्थिति बरकरार रही तो आनेवाले दिनों में जिले के कई रेस्टोरेंट, होटल बंद पड़ने की संभावना है । अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी से युद्ध शुरू है, इस युद्ध के चलते मध्य पूर्वी क्षेत्र के खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति है, इसी बीच भारत मे आने वाले एलपीजी गैस की अधिकांश खेप जिस रास्ते से आती है, वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बंद होने से देश में एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
संकट के इस दौर में घरेलू गैस की आपूर्ति को सुचारू रखने हेतु सरकार ने महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगा दी है । जिससे कमर्शियल गैस सिलेंडर पर निर्भर जिले के कई होटल, भोजनालय, खोमचे, रेस्टोरेंट संकट में है ।
एक अन्य होटल संचालक ने बताया कि, उन्हें प्रतिदिन करीब 7 से 8 कमर्शियल गैस सिलेंडर लगते है, उनके पास जो अतिरिक्त कमर्शियल गैस सिलेंडर जमा है, वह स्टॉक आने वाले दिनों में खत्म होगा । फिलहाल उन्हें जरूरत के हिसाब से साठ प्रतिशत ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध हो रहे है ।
एक अन्य रेस्टोरेंट संचालक का कहना है कि, सरकार ने कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर्स के दामों में वृद्धि की है, चंद्रपुर जिले में पिछले सप्ताह तक कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 1929 .50 रुपये थी, अब यह दाम बढ़ाकर 2043 .50 रुपये कर दिए गए है । एक सिलेंडर की कीमत 114 रुपये से बढ़ा दी गयी है, वे यह बढ़ी हुई कीमत देने को तैयार है, बशर्ते उन्हें डिमांड की तुलना में सिलेंडरों की आपूर्ति होनी चाहिए ।
उन्होंने यह भी कहा कि, जिले में चल रहे रेस्टोरेंट, भोजनालय, छोटे होटल्स आदि पर हजारों लोगों की आजीविका निर्भर है, अगर गैस सिलेंडर्स की किल्लत के चलते आने वाले दिनों में यह रेस्टोरेंट, होटल्स बंद करने पड़े तो कई गरीब परिवार मुश्किलों में घिर सकते है ।
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एक बड़े रेस्टोरेंट के संचालक ने बताया कि, उनके रेस्टोरेंट में प्रतिदिन ग्राहकों की भीड़ रहती है, उनका किचन भी दिनभर शुरू रहता है, यह किचन 75 प्रतिशत तक कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों पर ही निर्भर रहता है, शेष 25 प्रतिशत किचन का भार तंदूर की भट्टी से पूरा किया जाता है । उन्होंने बताया कि, भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से गैस सिलेंडरों की किल्लत महसूस हो रही है, ऐसे में सरकार ने घरेलू गैस की आपूर्ति को सुचारू रखने के उद्देश्य से कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की रेशनिंग शुरू कर दी है, उन्हें डिमांड की तुलना में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो रही है । जिससे उन्हें अब रेस्टोरेंट चला पाना मुश्किल हो गया है ।