

Highlights:
चंद्रपुर जिला परिषद चुनाव में OBC के लिए आरक्षित 15 सीटें घटकर 7 होने की आशंका है।
सुप्रीम कोर्ट के 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा संबंधी निर्देश के बाद निर्वाचन क्षेत्रों का नए सिरे से आरक्षण तय किया जा सकता है।
संभावित बदलाव के बाद सामान्य वर्ग की सीटें 20 से बढ़कर 28 हो सकती हैं।
Chandrapur Zilla Parishad Election: चंद्रपुर जिला परिषद के चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के राजनीतिक आरक्षण पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं रखने के निर्देश के चलते जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों की आरक्षण लॉटरी तीसरी बार निकाले जाने की संभावना है। ऐसा होने पर OBC के लिए आरक्षित 15 सीटों में से 8 सीटें कम हो सकती हैं। वहीं, सामान्य वर्ग की सीटें 20 से बढ़कर 28 होने की संभावना जताई जा रही है।
इस संभावित बदलाव से जिले के OBC समुदाय में बेचैनी बढ़ गई है। सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग को जिला परिषद और पंचायत समिति के आम चुनाव जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय के आदेश के अनुसार आरक्षण की कुल सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसी वजह से चंद्रपुर जिला प्रशासन को चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए नए सिरे से आरक्षण निर्धारण करना पड़ सकता है। चंद्रपुर जिला परिषद में कुल 56 निर्वाचन क्षेत्र हैं।
प्रशासन ने 13 अक्टूबर 2025 को इनके लिए आरक्षण लॉटरी निकाली थी। उस समय अनुसूचित जाति के लिए 8, अनुसूचित जनजाति के लिए 13, OBC के लिए 15 और सामान्य वर्ग के लिए 20 सीटें निर्धारित की गई थीं। इस तरह कुल 56 में से 36 सीटें आरक्षित हुई थीं। आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक होने के कारण चुनाव प्रक्रिया अटक गई थी। अब नए सिरे से आरक्षण निर्धारण होने पर OBC की 15 सीटें घटकर 7 रह जाने की आशंका है। इसके परिणामस्वरूप सामान्य वर्ग की सीटों की संख्या 20 से बढ़कर 28 हो सकती है। हालांकि, अंतिम स्थिति नई आरक्षण प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
पिछली आरक्षण लॉटरी में नागभीड़ तहसील के कानपा-मौशी (महिला) और पारडी-बालापुर बुजुर्ग (पुरुष), ब्रह्मपुरी के नान्होरी-अहेर नवरगांव और पिंपलगांव- मालडोंगरी, सिंदेवाही के गुंजेवाही-सरड़पार, भद्रावती के कोंढा-घोड़पेठ, वरोरा के नागरी-माढेली और चरूरखटी-सालोरी (महिला), चंद्रपुर के नकोडा, मूल के राजोली मारोडा (पुरुष) और जुनासुर्ला-बेंबाळ (महिला), सावली के पाथरी-व्याहाड खुर्द (महिला), गोंडपिपरी के विठ्ठलवाडा-भंगाराम तळोधी (महिला), कोरपना के उपरवाही-नांदा (महिला) तथा राजुरा के रामपुर-पाचगांव (महिला) निर्वाचन क्षेत्र OBC के लिए आरक्षित थे।
पूर्व जिला परिषद सदस्य राम टोंगे (विसापुर) ने कहा कि वर्ष 1995 से स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव में OBC को 27 प्रतिशत राजनीतिक आरक्षण मिलता रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सर्वोच्च न्यायालय आरक्षण की कुल सीमा 50 प्रतिशत के भीतर रखने की बात कह रहा है, तो राज्य सरकार ने OBC के अधिकारों की रक्षा के लिए शासन स्तर पर समाधान क्यों नहीं निकाला। उनके अनुसार, राजनीतिक आरक्षण कम होने से समाज में असंतोष बढ़ने की आशंका है।