कोयला परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण पर बढ़ेगा किसानो का मुआवजा? CM फडणवीस ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

Chandrapur Coal Project: चंद्रपुर में WCL की कोयला परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन के मुआवजे को बढ़ाकर 30 लाख रुपये प्रति एकड़ करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।
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चंद्रपुर किसान मुआवजा एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Chandrapur Farmers Compensation: कोयला परियोजनाओं के लिए वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली किसानों की जमीन का उचित और न्यायसंगत मुआवजा दिलाने के लिए विधायक सुधीर मुनगंटीवार द्वारा की गई मांग को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्ताव भेजकर कोयला परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित कृषि भूमि के मुआवजे में सुधार कर किसानों को प्रति एकड़ 30 लाख रुपये देने पर विचार करने की मांग की है।

साथ ही पात्र भू-स्वामियों को कोल इंडिया लिमिटेड की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति, 2012 के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने 5 जून 2026 को पत्र भेजकर WCL द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि के मुआवजे में संशोधन कर प्रति एकड़ 30 लाख रुपये देने की मांग की थी। उनका कहना था कि कोयला परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित किए जाने पर पुराने दरों के आधार पर मिलने वाला मुआवजा वर्तमान जमीन बाजार की तुलना में बेहद कम है। ऐसे में बदली हुई परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को उचित मुआवजा मिलना आवश्यक है।

2012 के पुराने दरों में बदलाव की मांग

महाराष्ट्र शासन के 25 मई 2012 के शासन निर्णय के अनुसार कोयला खदानों के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की दर निर्धारित की गई थी। इसके तहत बंजर जमीन के लिए 6 लाख रुपये, जिरायती जमीन के लिए 8 लाख रुपये और सिंचित (बागायती) जमीन के लिए 10 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर तय की गई थी। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में जमीन की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है। इसी को देखते हुए विधायक मुनगंटीवार ने 2012 की पुरानी दरों के स्थान पर वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित मुआवजा तय कर किसानों को 30 लाख रुपये प्रति एकड़ देने की मांग की है।

निजी जमीन सौदों में 30 लाख रुपये तक के भाव

चंद्रपुर जिले में कुछ निजी जमीन सौदों में कंपनियों और किसानों के बीच करीब 30 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से व्यवहार होने की बात सामने आई है। ऐसे में कोयला परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहित करते समय किसानों को उनकी जमीन का उचित और न्यायसंगत मूल्य मिलना चाहिए, यह भूमिका मुनगंटीवार ने रखी है।

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मुख्यमंत्री ने 17 अगस्त को केंद्रीय मंत्री को भेजा पत्र

विधायक मुनगंटीवार की इन मांगों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 17 अगस्त 2026 को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी को पत्र भेजा है। मुख्यमंत्री ने पत्र में मुनगंटीवार की मांग का स्पष्ट उल्लेख करते हुए कोयला धारण क्षेत्र (अधिग्रहण एवं विकास) अधिनियम, 1957 के तहत अधिग्रहित होने वाली जमीन के मुआवजे पर पुनर्विचार कर उसे अन्य जमीन हस्तांतरण व्यवहारों के अनुरूप संशोधित करने का अनुरोध किया है।साथ ही पात्र जमीनमालिकों को कोल इंडिया लिमिटेड की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित कंपनी को निर्देश देने की मांग भी केंद्रीय मंत्री से की गई है।

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