बचत समूहों को मिली अपनी बाजारपेठ, चंद्रपुर जिला स्तर पर ‘उमेद मार्ट’, तहसील स्तर पर ‘उमेद वॉल मॉल’
Umed Mart Chandrapur: चंद्रपुर में ‘रानी हिराई उमेद मार्ट’ शुरू होने से महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की स्थायी बाजारपेठ मिली है, जिससे हजारों महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है।
- Written By: आंचल लोखंडे
SHG marketplace Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrapur Women Entrepreneurs: चंद्रपुर जिला परिषद चंद्रपुर के जिला अभियान प्रबंधन कक्ष के माध्यम से जिले की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए जिला स्तर पर ‘रानी हिराई उमेद मार्ट’ की स्थापना की गई है। यह मार्ट जुबिली हाईस्कूल, चंद्रपुर परिसर में शुरू किया गया है, जहां जिले के विभिन्न समूहों द्वारा तैयार किए गए 320 प्रकार के उत्पाद बिक्री हेतु उपलब्ध हैं। इससे महिला बचत समूहों को अपने उत्पादों के लिए स्थायी और आधिकारिक बाजारपेठ मिल गई है।
इसके साथ ही जिले की 11 तहसीलों में ‘उमेद वॉल मॉल’ की इमारतें भी जल्द ही महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए तैयार हो रही हैं। उमेद अभियान के माध्यम से महिलाओं के जीवन में उल्लेखनीय आर्थिक परिवर्तन आया है।
उमेद अभियान से महिलाओं के जीवन में आया परिवर्तन
विशेष रूप से, जिले की लगभग 2 लाख 65 हजार महिलाओं को ‘लखपति’ बनाने में सफलता मिली है। महिलाओं ने स्वयं विभिन्न व्यवसाय शुरू कर परिवार की आय में वृद्धि की है। जिले में कुल 44,300 महिलाओं के व्यवसाय संचालित हैं। इनमें 796 उत्पादक समूह तथा 10 महिला उत्पादक कंपनियां स्थापित की गई हैं, जिनका प्राथमिक कार्य शुरू हो चुका है। अब इन महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए जिला स्तर पर ‘हिराई उमेद मार्ट’ और शीघ्र ही तहसील स्तर पर ‘उमेद वॉल मॉल’ उपलब्ध होने जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
महाजन से अदावत खत्म करेंगे खडसे, भेजा 75 वें जन्मदिन का न्योता, तेज हुई घर वापसी की अटकलें
FIFA World Cup Final: खेल प्रेमियों को तोहफा, महाराष्ट्र में सुबह 4 बजे तक खुले रहे होटल
Pandharpur Corridor: किसानों को विश्वास में लेकर होगा विकास, डीसीएम शिंदे बोले, नहीं करेंगे कोई जबरदस्ती
महाराष्ट्र में नई सियासी हलचल, लक्ष्मण हाके ने बनाई OBC जनता पार्टी, बीजेपी पर साधा निशाना
उत्पादों के लिए ‘बायर-सेलर मीट’ का आयोजन
उमेद के माध्यम से महिला उत्पादों को स्थानीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय व्यापारी संघों के साथ ‘बायर-सेलर मीट’ का आयोजन किया जाता है। इसके तहत चावल, दाल, विभिन्न प्रकार की दालें, कोल्हू (घानी) का तेल, शहद, दुग्ध उत्पाद, महिलाओं द्वारा निर्मित ऊनी हस्तशिल्प, काष्ठ शिल्प, बांस उत्पाद और मिट्टी के बर्तन जैसे उत्पाद व्यापारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं। व्यापारी मांग के अनुसार थोक में ऑर्डर देते हैं।
महिलाओं के उत्पादों को मुंबई सहित महाराष्ट्र के अन्य जिलों में आयोजित मेलों, मॉल और सरस प्रदर्शनी में भेजने की व्यवस्था भी अभियान के माध्यम से की जाती है। इससे महिलाओं को उचित बाजार और बेहतर मूल्य मिल रहा है।
ये भी पढ़े: अकोला: खदान पुलिस की बड़ी कार्रवाई; 14 गोवंशों को तस्करों से कराया मुक्त, 12.43 लाख का माल जब्त
55 उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री
उमेद ने महिलाओं के लिए ‘उमेद मार्ट’ नाम से ऑनलाइन डिजिटल बिक्री मंच भी उपलब्ध कराया है। जिले के 55 प्रकार के उत्पाद ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। महिलाएं फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से भी अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री कर रही हैं।
हिराई उमेद मार्ट में 320 उत्पाद उपलब्ध
जिले की महिला समूहों द्वारा निर्मित 320 प्रकार के उत्पाद ‘रानी हिराई उमेद मार्ट’, जुबिली हाईस्कूल, चंद्रपुर में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। अभियान के माध्यम से इन उत्पादों को मुंबई सहित महाराष्ट्र के अन्य जिलों में भी बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल से महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए सशक्त मंच मिला है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
