चंद्रपुर में आदमखोर बाघ का आतंक, महुआ चुनने गई महिला को जबड़े में दबाकर भागा, 8 दिन में दूसरी मौत से दहशत

Chandrapur Tiger Attack: चंद्रपुर के सिंदेवाही में बाघ के हमले में 60 वर्षीय वच्छला वाटगुरे की मौत। जिले में इस साल बाघ के हमले में यह 13वीं जान है। ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश।
Chandrapur Woman Gathering Mahua Killed By Tiger In Sindewahi
चंद्रपुर में बाघ के हमले में महिला की मौत (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Woman Gathering Mahua Killed By Tiger In Sindewahi: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में आदमखोर बाघ के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 5 अप्रैल को नागभीड़ के मिंथुर में हरीदास कुबडे की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। अब नागभीड़ से सटी सिंदेवाही तहसील से सोमवार को नया मामला सामने आया है। जिसमें महुआ फूल चुनने गई महिला की दर्दनाक मौत हो गई है। मृतक महिला की पहचान वच्छला ईश्वर वाटगुरे के रूप में हुई है।

गर्मी के मौसम में तेंदूपत्ता व महुआ फूल चुनने जंगल में जाने वाले लोगों की संख्या अधिक होती है। गांव में मिलने वाला हक का रोजगार पाने की लालसा में लोग वन विभाग के निर्देशों की परवाह किए बिना जंगल में इसके लिए जाते है। जिले की नागभीड, सावली, मूल, सिंदेवाही, ब्रम्हपुरी व चिमूर तहसीलें बाघ व अन्य हिंसक वन्यजीवों के हमलों की दृष्टि से संवेदनशील बनी हुई है। सोमवार को इन्ही में से एक तहसील में बाघ के हमले की घटना हुई है।

समूह बनाकर 4 लोग गए थे

जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल को सुबह 6 बजे के दौरान सिंदेवाही तालुका के गुंजेवाही की 3 महिलाएं व 1 पुरुष ऐसे 4 लोग मिल कर गांव के पास स्थित जंगल से सटे खेत में महुआ फूल चुनने गए थे। महुआ फूल चुनते समय अचानक घात लगाए बैठे बाघ ने वच्छला पर छलांग लगाई। उसे अपने जबडे में पकड कर बाघ जंगल की दिशा में भाग निकला। इसके बाद वच्छला के साथ गई महिलाओं में चीख पुकार मच गई। पंरतु तब तक बाघ 60 वर्षीय वच्छला को लेकर निकला तभी उसकी मौत हो गई थी। वच्छला को जब बाघ अपने जबडें में पकड़ कर ले जा रहा था तब लोगों ने बाघ को देखा। एक दुपहिया चालक ने भी यह दृष्य देखा तो उसने तत्काल गुंजेवाही गांव पहुंच कर इसकी सुचना ग्रामीणों को दी। बाद में तत्काल पुलिस व वन विभाग को इससे अवगत कराया गया। सुचना के बाद पुलिस व वन विभाग के कर्मचारी मौके की ओर भागे। बाघ वच्छला को कहां ले गया? उसकी खोजबीन शुरु कर दी। कुछ ही दूरी पर उसका शव क्षत विक्षत अवस्था में बरामद हुआ।

ग्रामीणों में असंतोष, बंदोबस्त की मांग

घटना के बाद वन विभाग ने तत्काल 25,000 रुपए की मदद मृतक महिला के परिवार को दी, लेकिन संतप्त ग्रामीणों ने इस बाघ का बंदोबस्त करने की मांग की। गांव के पास हक का रोजगार मिलने के कारण लोग तेंदूपत्ता व महुआ फूल चुनने खेतों में जाते है। परंतु वन्यजीव गांवों के दायरे में आकर इस तरह से घटनाओं को अंजाम देते है। यह वन विभाग की लापरवाही का नमूना है, ऐसा आरोप लगाया गया। इस बीच पुलिस ने मृतक वच्छला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच चल रही है।

वन विभाग ने लगाए 8 कैमरे

वन विभाग ने इस बाघ की हलचलों पर नजर रखने इस घटना स्थल के दायरे में 8 कैमरे लगाए है। इनमें 2 लाइव कैमरे व 6 ट्रैप कैमरे है। वन विभाग ने लोगों से अपील की कि वे घने जंगल या संवेदनशील इलाकों में जाने से बचें। संभव हो तो महुआ फूल संकलन रोक दे। वन विभाग ने दावा किया कि इस बाघ पर नजर रख भविष्य में अनहोनी रोकने का प्रयास किया जाएगा।

13 लोगों की गई जान

8 दिन पहले 5 अप्रैल को ही नागभीड तहसील के मिंथुर गांव में एक शख्स हरीदास महादेव कुबडे की बाघ के हमले में मौत हो गयी थी। इसके पूर्व 25 मार्च को ब्रम्हपुरी वन विभाग अंतर्गत तलोधी बालापुर के पास सावर्ला के जंगल में प्रेमिला अरुण वाटगुरे उम्र 46 की बाघ के हमले में मौत हो गयी थी। वह जलाने के लिए सूखी लकड़ियां चुनने गई थी। इसी दिन 60 वर्षीय नंदा बनसोड को बाघ ने हमला कर गंभीर रुप से घायल कर दिया था। वह सिंदेवाही के भेंडाला गांव की थी। सोमवार को सामने आयी घटना 13वीं बली बताई जाती है। लगातार हो रही घटनाओं के कारण लोगों में वन विभाग के प्रति तीव्र रोष व्याप्त है।

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