एयरपोर्ट पर परिजनों के छलके आंसू (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Airport Emotional Reunion: अमेरिका-इजराईल और ईरान के बीच युध्द चल रहा है। इस युध्द के कारण सऊदी अरब में फंसे चंद्रपुर जिले के नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश वापसी कराने में भारत सरकार सफल रही है। दुबई से चंद्रपुर लौटे दो लोगों को रिसीव करने के लिए पहुंचे परिवार की आंखे बच्चों को सकुशल देख छलक पड़ी।
नागपुर एयरपोर्ट पर अपनों से मिलन की खुशी में आंसूओं से परिजनों का चेहरा सराबोर था। यह छात्र दुबई से स्पेशल विमान से मुंबई पहुंचे और वहां से भारतीय हवाई सेवा के विमान से नागपुर पहुंचे। इस संकट के समय दुबई प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता पर दोनों ने संतोष जताया है। स्वदेश लौटे इन छात्रों में चंद्रपुर के आश्रय तायडे और श्रावणी धाबेकर का समावेश है।
चंद्रपुर के छात्र-छात्रा आश्रय तायडे, श्रावणी धाबेकर दुबई में उच्च शिक्षा के लिए गए हुए थे। अचानक युद्ध की स्थिति निर्माण होने से वे वहां फंस गये थे। उसका स्वदेश लौट पाना असंभव सा लगने से उनके परिजनों में चिंता फैल गई थी। आश्रय तायडे के अभिभावकों ने उसकी स्वदेश वापसी के लिए जिला प्रशासन, राजनीतिक स्तर पर प्रयास किए जिसके चलते उसकी स्वदेशी वापसी हो पायी।
विदित हो कि इरान और अन्य खाड़ी देशों के बीच चल रहे युद्ध के कारण चंद्रपुर जिले के पीड़ित परिवार में चिंता का माहौल था। इस बीच सोमवार को केंद्र सरकार की ओर से चंद्रपुर जिला प्रशासन को निर्देश मिले जिसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से संबंधित पालकों को दूरभाष पर पूछताछ कर जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया है। केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से जिलाधिकारी से जिले के फंसे हुए छात्र व लोगों की सूची मंगाई गयी।
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चंद्रपुर शहर व जिले के कुछ छात्र एवं नागरिक शारजाह, दुबई व आबूधाबी जैसे शहरों में फंसे हुए थे। आश्रय तायडे, श्रावणी धाबेकर की तरह दुर्गापुर निवासी संजय शिंदे के परिजन जिसमें उनके दामाद अभिषेक सालवे, बेटी आराधना सालवे और एक वर्षीय नातीन एलिझा सालवे भी दुबई में फंसे हुए थे। उनके स्वदेश वापसी की कोई सूचना अभी तक नहीं मिली है। फोन पर संपर्क का प्रयास किया गया संजय शिंदे का फोन बंद आ रहा था।